
वॉशिंगटन/तेहरान, 1 मई 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- Meeting in Trump’s War Room : मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई के विकल्पों पर विस्तृत ब्रीफिंग दी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका अब कूटनीति के साथ-साथ सैन्य दबाव बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, करीब 45 मिनट चली इस हाई-लेवल बैठक में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर विस्तार से चर्चा हुई। अमेरिकी सैन्य योजनाकार इस संभावना को भी ध्यान में रख रहे हैं कि किसी भी कार्रवाई की स्थिति में ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है। बैठक में ज्वाइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन की मौजूदगी से इस चर्चा की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंटकॉम ने ‘शॉर्ट एंड इंटेंस’ रणनीति का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत कम समय में सटीक और तेज हमले कर ईरान के अहम सैन्य और परमाणु ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। इस रणनीति का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाकर उसे परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए मजबूर करना है।
पत्रकारों के सवालों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए इच्छुक नजर आ रहा है। यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि अमेरिका अपनी ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति को आगे बढ़ा रहा है।
Meeting in Trump’s War Room : सेंटकॉम की योजना में अत्याधुनिक हाइपरसोनिक ‘डार्क ईगल’ मिसाइलों की तैनाती का विकल्प भी शामिल है, जो तेज और सटीक हमलों के लिए जानी जाती हैं। इसके अलावा, स्ट्रेट ऑफ होरमज़ के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि वैश्विक व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखी जा सके। हालांकि, इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
एक अन्य प्रस्ताव के तहत ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करने के लिए विशेष बलों की कार्रवाई पर भी चर्चा हुई है, जिसे उसके परमाणु कार्यक्रम पर सीधा प्रभाव डालने वाला कदम माना जा रहा है।
इस बीच, तेहरान में गुरुवार रात एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय होने की खबर सामने आई। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई छोटे ड्रोन या टोही विमानों को रोकने के लिए की गई थी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह अभ्यास था या किसी वास्तविक खतरे की प्रतिक्रिया।
Meeting in Trump’s War Room : रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी को एक प्रभावी विकल्प के रूप में देख रहा है। यह सीधा सैन्य हमला नहीं होगा, लेकिन ईरान पर दबाव बढ़ाने का एक अहम तरीका बन सकता है।
कुल मिलाकर, मौजूदा हालात संकेत देते हैं कि अमेरिका दोहरी रणनीति अपना रहा है—एक तरफ कूटनीतिक रास्ते खुले रखे जा रहे हैं और दूसरी तरफ सैन्य तैयारियों को भी मजबूत किया जा रहा है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि मामला बातचीत से सुलझेगा या किसी बड़े टकराव की ओर बढ़ेगा।
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