
लाइफस्टाइल डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट)- Unique Culture : जब भी अमेरिका का नाम लिया जाता है तो लोगों के मन में आधुनिक तकनीक, ऊंची-ऊंची इमारतें, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल जीवनशैली की तस्वीर उभरती है। लेकिन इसी अमेरिका में एक ऐसी दुनिया भी मौजूद है, जहां समय मानो 300 साल पहले ही ठहर गया हो। यह अनोखी दुनिया अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के लैंकेस्टर काउंटी में बसे एमिश (Amish) समुदाय की है। यहां रहने वाले लोग आज भी आधुनिक तकनीक और चमक-दमक से दूर सादगीपूर्ण जीवन जीना पसंद करते हैं। यही वजह है कि यह समुदाय दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
न स्मार्टफोन, न सोशल मीडिया
एमिश समुदाय के अधिकांश परिवार टीवी, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया जैसी आधुनिक सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं करते। कई घरों में आज भी सरकारी बिजली का कनेक्शन नहीं है। उनका मानना है कि तकनीक इंसानों को एक-दूसरे से दूर करती है और पारिवारिक संबंधों को कमजोर बनाती है। इसलिए वे केवल उन्हीं साधनों को अपनाते हैं जो समुदाय और परिवार को मजबूत बनाए रखें।
घोड़े-बग्गी से सफर, खेती ही जीवन का आधार
एमिश इलाकों में आज भी सड़कों पर घोड़े-बग्गियां दौड़ती नजर आती हैं। पुरुष पारंपरिक कपड़े और लंबी दाढ़ी रखते हैं, जबकि महिलाएं साधारण पोशाक और बोनट पहनती हैं। कई परिवार खेती के लिए ट्रैक्टर की बजाय घोड़ों का इस्तेमाल करते हैं। खाना लकड़ी के चूल्हों पर पकाया जाता है और कई घरों में रात के समय गैस लैंप या सीमित बैटरी से रोशनी की जाती है।
Unique Culture : मोबाइल नहीं, हुनर सीखते हैं बच्चे
जहां आज के बच्चे घंटों मोबाइल और वीडियो गेम में व्यस्त रहते हैं, वहीं एमिश समुदाय के बच्चे खेतों में काम करना, बढ़ईगीरी, सिलाई और अन्य पारंपरिक कौशल सीखते हैं। यहां आमतौर पर बच्चों की शिक्षा आठवीं कक्षा तक ही होती है। इसके बाद उन्हें व्यावहारिक जीवन और रोजगार से जुड़े हुनर सिखाए जाते हैं।
पूरा गांव एक परिवार की तरह
एमिश समुदाय की सबसे बड़ी पहचान उनकी एकजुटता है। यदि किसी परिवार को घर या खलिहान बनाना हो तो पूरा गांव मिलकर काम करता है। इस परंपरा को “बार्न रेजिंग” कहा जाता है। कई बार पूरा खलिहान सिर्फ एक दिन में तैयार कर दिया जाता है। आज के दौर में जहां लोग अपने पड़ोसियों तक को नहीं जानते, वहीं एमिश समुदाय में पूरा गांव एक परिवार की तरह रहता है।
यूरोप से शुरू हुआ था सफर
इतिहासकारों के अनुसार एमिश समुदाय की शुरुआत 17वीं और 18वीं सदी में स्विट्जरलैंड और जर्मनी से हुई थी। धार्मिक स्वतंत्रता की तलाश में वे अमेरिका आकर बस गए। आज अमेरिका में एमिश समुदाय की आबादी 3 लाख से अधिक मानी जाती है। इनमें सबसे बड़ी संख्या पेंसिल्वेनिया, ओहायो और इंडियाना राज्यों में रहती है।
क्या पूरी तरह तकनीक से दूर हैं एमिश लोग?
ऐसा नहीं है कि एमिश लोग तकनीक का बिल्कुल उपयोग नहीं करते। यदि कोई तकनीक खेती, कारोबार या सामुदायिक जीवन में मददगार साबित होती है और पारिवारिक मूल्यों को प्रभावित नहीं करती, तो उसका सीमित उपयोग किया जाता है। हालांकि निजी जीवन में वे आज भी सादगी, आत्मनिर्भरता और पारंपरिक मूल्यों को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं।
Unique Culture : दुनियाभर से आते हैं पर्यटक
हर साल लाखों पर्यटक एमिश कंट्री का दौरा करते हैं। यहां लोग घोड़े-बग्गी की सवारी का आनंद लेते हैं, पारंपरिक फार्म देखते हैं और हाथ से बने फर्नीचर, रजाइयों तथा घरेलू उत्पादों की खरीदारी करते हैं। इसके अलावा यहां मिलने वाली घर में बनी ब्रेड, पाई, जैम और पारंपरिक व्यंजन भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
एक सवाल छोड़ जाती है उनकी जिंदगी
एमिश समुदाय की जीवनशैली हर किसी के लिए आसान नहीं हो सकती। यहां न हाई-स्पीड इंटरनेट है, न सोशल मीडिया और न ही आधुनिक सुविधाओं की भरमार। लेकिन उनकी जिंदगी दुनिया के सामने एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ जाती है—क्या खुश रहने के लिए केवल आधुनिक तकनीक और लग्जरी लाइफस्टाइल जरूरी है, या फिर परिवार, रिश्तों और सादगी में भी उतनी ही खुशी छिपी हो सकती है? शायद यही वजह है कि अमेरिका में बसी यह अनोखी दुनिया आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रहती है।
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