

ऊना (वीकेंड रिपोर्ट) : कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट में हो रही देरी को देखते हुए जिला प्रशासन ऊना ने क्षेत्रीय अस्पताल में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग लैब स्थापित करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 वायरस से निपटने के लिए ट्रीटमेंट के साथ-साथ टेस्टिंग भी आवश्यक है। जिला में ट्रूनैट तथा आरएटी टेस्ट की सुविधा तो है, लेकिन आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल टांडा भेजे जाते हैं। टांडा में अन्य जिलों के सैंपल भी टेस्टिंग के लिए आते हैं, जिसकी वजह से ऊना के सैंपल की रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन की देरी हो रही है।
जिलाधीश ऊना ने कहा कि प्रदेश सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में आईसीएमआर द्वारा निर्धारित लैब की लागत के साथ-साथ स्टाफ की आवश्यकता का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर आरटी-पीसीआर टेस्टिंग लैब ऊना में स्थापित होती है, तो इससे कोरोना के मरीजों की पहचान जल्द हो सकेगी, जिससे उनके इलाज के साथ-साथ संक्रमण को फैलने से रोकने में भी मदद मिलेगी।
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