





लाइफस्टाइल डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट)- Psoriasis Symptoms and Skin Care Tips : बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण का असर हमारी त्वचा पर भी दिखाई देने लगता है। कई लोगों को खुजली, जलन, लाल चकत्ते और रूखेपन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। अक्सर लोग इन्हें सामान्य एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के क्रीम लगाने लगते हैं। लेकिन अगर त्वचा की परेशानी लंबे समय तक बनी रहे या शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैलने लगे, तो यह सोरायसिस का संकेत हो सकता है। सोरायसिस एक दीर्घकालिक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम त्वचा की कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया को तेज कर देता है। इसके कारण त्वचा पर मोटे, लाल और चांदी जैसी सफेद पपड़ी वाले चकत्ते दिखाई देने लगते हैं। सही समय पर पहचान और इलाज से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
सामान्य एलर्जी और सोरायसिस में क्या है अंतर?
कैलाश दीपक हॉस्पिटल की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. जैस्मिन के अनुसार, कई बार लोग एलर्जी, एक्जिमा और सोरायसिस के लक्षणों में अंतर नहीं कर पाते।
- सामान्य एलर्जी: धूल, रसायन या किसी एलर्जेन के संपर्क में आने से खुजली, लाल दाने और सूजन हो सकती है।
- एक्जिमा: इसमें त्वचा का रूखापन, तेज खुजली और सूजन प्रमुख लक्षण होते हैं।
- सोरायसिस: इसमें त्वचा पर उभरे हुए लाल चकत्ते बनते हैं, जिनके ऊपर चांदी जैसी सफेद पपड़ी दिखाई देती है।
इसलिए त्वचा पर लगातार परेशानी रहने पर खुद से इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
नाखूनों, सिर और जोड़ों पर भी पड़ सकता है असर
सोरायसिस को केवल त्वचा की बीमारी समझना सही नहीं है। कुछ मरीजों में इसका असर सिर की त्वचा (स्कैल्प), नाखूनों और जोड़ों पर भी पड़ सकता है। जब यह जोड़ों को प्रभावित करता है, तो इसे सोरियाटिक अर्थराइटिस कहा जाता है। इस बीमारी के साथ कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोरायसिस का संबंध हृदय संबंधी बीमारियों और मेटाबॉलिक समस्याओं से भी देखा गया है। मानसिक तनाव, संक्रमण और त्वचा पर चोट जैसे कारक कुछ लोगों में इसके लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।
Psoriasis Symptoms and Skin Care Tips : त्वचा को सूखने से बचाएं, तनाव कम रखें
सोरायसिस के लक्षणों को नियंत्रित रखने के लिए नियमित त्वचा देखभाल जरूरी है।
- नहाने के तुरंत बाद त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाएं।
- त्वचा को ज्यादा सूखने न दें।
- नियमित योग और ध्यान के जरिए तनाव कम करने की कोशिश करें।
- पर्याप्त नींद लें।
- त्वचा पर खुजली होने पर उसे जोर से न खुजलाएं।
- डॉक्टर की सलाह के बिना स्टेरॉयड या अन्य दवाइयों वाली क्रीम का इस्तेमाल न करें।
खानपान में करें सुधार, गर्म पानी से बचें
सोरायसिस से परेशान लोगों को अपनी जीवनशैली पर भी ध्यान देना चाहिए। बहुत गर्म पानी से नहाने और त्वचा को तौलिए या स्क्रबर से जोर से रगड़ने से रूखापन और जलन बढ़ सकती है। इसलिए गुनगुने पानी और माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करना बेहतर है। खानपान में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स शामिल करें। साथ ही शरीर का वजन नियंत्रित रखें और धूम्रपान व अत्यधिक शराब से दूरी बनाएं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर त्वचा पर लाल चकत्ते, लगातार खुजली, सफेद पपड़ी या नाखूनों में बदलाव दिखाई दें, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। जोड़ों में दर्द या सूजन होने पर भी जांच कराना जरूरी है। सोरायसिस का समय पर इलाज और नियमित देखभाल इसके लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। इसे सामान्य एलर्जी समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
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