
नासिक, 2 जुलाई 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- महाराष्ट्र के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा चल रहे संरक्षण कार्य के दौरान एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक और धार्मिक खोज सामने आई है। मंदिर परिसर के ऐतिहासिक जलकुंड ‘अमृत कुंड’ की गाद (सिल्ट) और मलबा हटाने के दौरन एक पत्थर का प्राचीन शिवलिंग प्राप्त हुआ।

जानकारी के अनुसार, यह शिवलिंग अमृत कुंड के तल में दबा हुआ मिला, जिसे वर्षों से जमा गाद और मलबे को हटाने के दौरान खोजा गया। इस खोज ने मंदिर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को एक नई पहचान दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किए जा रहे संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य केवल ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित ही नहीं कर रहे, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण रहस्यों को भी उजागर कर रहे हैं।

यह खोज इस बात का प्रमाण है कि देश के प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों में आज भी कई ऐसी धरोहरें छिपी हुई हैं, जो संरक्षण कार्यों के दौरान सामने आ रही हैं और भारत की गौरवशाली विरासत को और अधिक समृद्ध बना रही हैं।
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