
ऑटो डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट)- Car AC Fuel Consumption : गर्मियों के मौसम में कार का एयर कंडीशनर (AC) लोगों के लिए राहत का सबसे बड़ा साधन बन जाता है। हालांकि, कई वाहन चालक अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि AC चलाने से कार की माइलेज पर कितना असर पड़ता है और क्या इससे पेट्रोल या डीजल की खपत बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब हां है, लेकिन इसकी मात्रा कई कारकों पर निर्भर करती है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ बताते हैं कि कार का एयर कंडीशनर सीधे इंजन से जुड़ा होता है। AC का कंप्रेसर इंजन की शक्ति से संचालित होता है। जैसे ही ड्राइवर AC ऑन करता है, इंजन पर अतिरिक्त भार बढ़ जाता है। इस अतिरिक्त दबाव को संभालने के लिए इंजन को अधिक ईंधन जलाना पड़ता है, जिससे फ्यूल कंजम्प्शन बढ़ जाता है और माइलेज में कमी आ सकती है।
AC चलाने पर कितना बढ़ता है ईंधन खर्च?
विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में कार का AC प्रति घंटे लगभग 0.2 से 0.4 लीटर अतिरिक्त ईंधन की खपत कर सकता है। हालांकि यह आंकड़ा वाहन के इंजन, मौसम, AC सेटिंग्स और ड्राइविंग स्टाइल के अनुसार बदल सकता है। यदि बाहर का तापमान अत्यधिक अधिक हो, तो AC को केबिन ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत भी बढ़ जाती है।
Car AC Fuel Consumption : माइलेज पर पड़ता है सीधा असर
लगातार AC चलाने का असर वाहन की माइलेज पर साफ दिखाई देता है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान AC के लगातार उपयोग से कुल ईंधन खपत में लगभग 8 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई कार सामान्य परिस्थितियों में 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो AC चलाने पर यह कुछ हद तक कम हो सकता है।
छोटी कार और SUV में क्यों अलग होती है खपत?
वाहन का आकार भी AC की ईंधन खपत को प्रभावित करता है। छोटी हैचबैक कारों का केबिन आकार छोटा होने के कारण उन्हें ठंडा करने में कम ऊर्जा लगती है। ऐसे वाहनों में AC औसतन 0.2 लीटर अतिरिक्त ईंधन प्रति घंटे खर्च कर सकता है। वहीं बड़ी SUVs और प्रीमियम वाहनों में बड़ा केबिन और अधिक शक्तिशाली कंप्रेसर होता है, जिसके कारण AC की खपत 0.8 लीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसलिए बड़े वाहनों में AC का असर माइलेज पर अधिक दिखाई देता है।
खिड़कियां खोलना हमेशा सही विकल्प नहीं
कई लोग मानते हैं कि AC बंद करके खिड़कियां खोल देने से ईंधन की बचत होती है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार हाईवे पर यह तरीका हमेशा फायदेमंद नहीं होता। लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की गति पर खुली खिड़कियां हवा के प्रतिरोध (एयर ड्रैग) को बढ़ा देती हैं। इससे इंजन को अधिक मेहनत करनी पड़ती है और कई बार AC चलाकर यात्रा करना ज्यादा किफायती साबित होता है।
खड़ी कार में AC चलाना पड़ सकता है महंगा
वाहन विशेषज्ञों का कहना है कि पार्किंग या किसी स्थान पर इंतजार करते समय इंजन चालू रखकर AC चलाना सबसे ज्यादा ईंधन खर्च करने वाली आदतों में से एक है। इस दौरान इंजन लगातार ईंधन जलाता रहता है लेकिन वाहन कोई दूरी तय नहीं करता। ऐसे में माइलेज शून्य रहता है और फ्यूल की बर्बादी होती है।
Car AC Fuel Consumption : AC की सर्विसिंग है बेहद जरूरी
यदि AC सिस्टम की समय-समय पर सर्विस नहीं कराई जाती तो कंप्रेसर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केबिन एयर फिल्टर को नियमित रूप से बदलवाएं और रेफ्रिजरेंट गैस की जांच करवाते रहें। अच्छी तरह मेंटेन किया गया AC सिस्टम तेजी से कूलिंग देता है और इंजन पर कम दबाव डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही तरीके से AC का उपयोग और नियमित मेंटेनेंस न केवल बेहतर माइलेज दिला सकता है बल्कि आपकी कार की परफॉर्मेंस और आरामदायक सफर को भी बेहतर बनाता है।
-----------------------------------------------------------------
देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए >>>Join WhatsApp Group Join<<< करें। आप हमें >>>Facebook<<< फॉलो कर सकते हैं। लेटेस्ट खबरें देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को भी सबस्क्राइब करें।
-----------------------------------------------------------------


