
नई दिल्ली (वीकैंड रिपोर्ट)- Temples open during eclipse : 3 मार्च को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। आमतौर पर ग्रहण काल के दौरान देशभर के अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ स्थगित कर दिया जाता है। लेकिन भारत में कुछ ऐसे प्रसिद्ध मंदिर भी हैं, जहां यह परंपरा लागू नहीं होती। ग्रहण के दौरान भी इन मंदिरों के द्वार खुले रहते हैं और श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर सकते हैं।
उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर
महाकालेश्वर मंदिर शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मान्यता है कि महाकाल स्वरूप भगवान शिव स्वयंभू हैं और कालचक्र से परे हैं। इसी कारण ग्रहण का प्रभाव यहां नहीं माना जाता और मंदिर के कपाट बंद नहीं किए जाते। ग्रहण के दौरान भी नियमित पूजा जारी रहती है।
दिल्ली का कालकाजी मंदिर
कालकाजी मंदिर में मान्यता है कि मां कालका कालचक्र की स्वामिनी हैं और सभी ग्रह-नक्षत्र उनके अधीन हैं। इसलिए ग्रहण के समय भी यहां मंदिर के दरवाजे खुले रहते हैं और भक्त निर्बाध रूप से दर्शन करते हैं।
Temples open during eclipse : उत्तराखंड का कल्पेश्वर मंदिर
कल्पेश्वर मंदिर पंच केदारों में से एक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां भगवान शिव ने मां गंगा की धारा को नियंत्रित किया था। इसी कारण ग्रहण के दौरान भी मंदिर के कपाट बंद नहीं किए जाते।
केरल का थिरुवरप्पु श्री कृष्ण मंदिर
थिरुवारप्पु श्री कृष्ण मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान कृष्ण को दिन में दस बार भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि भगवान को भूख अधिक लगती है, इसलिए ग्रहण के समय भी मंदिर बंद नहीं किया जाता।
गया का विष्णुपद मंदिर
विष्णुपद मंदिर में पिंडदान का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ग्रहण काल में भी मंदिर के द्वार खुले रहते हैं ताकि पितरों के निमित्त अनुष्ठान किए जा सकें।
Temples open during eclipse : बीकानेर का लक्ष्मीनाथ मंदिर
लक्ष्मीनाथ मंदिर की भी एक विशेष कथा है। मान्यता है कि एक बार ग्रहण के दौरान मंदिर बंद होने से भगवान को भोग नहीं लगाया गया, जिसके बाद परंपरा बनाई गई कि ग्रहण काल में भी कपाट खुले रहेंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन मंदिरों में देवता काल और ग्रहों से परे माने जाते हैं, इसलिए यहां ग्रहण का प्रभाव नहीं माना जाता। हालांकि, श्रद्धालुओं को स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करना चाहिए।
-----------------------------------------------------------------
देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए >>>Join WhatsApp Group Join<<< करें। आप हमें >>>Facebook<<< फॉलो कर सकते हैं। लेटेस्ट खबरें देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को भी सबस्क्राइब करें।
-----------------------------------------------------------------













