





चंडीगढ़ (वीकैंड रिपोर्ट)- 221 Foot Tall Ravan on Dussehra : दशहरे के पर्व को लेकर चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा पंचकूला में तैयार किए जा रहे 221 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले की है। इसे देश के सबसे ऊंचे रावण पुतलों में शामिल माना जा रहा है। इस भव्य पुतले को तैयार करने में करीब 34 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं और पिछले तीन महीनों से लगभग 40 कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
विशेष बात यह है कि इस बार आयोजन स्थल पर सिर्फ रावण का पुतला ही लगाया जाएगा, ताकि दर्शकों को अधिक स्थान मिल सके और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर बनी रहे। दशहरे के दिन यह विशालकाय रावण आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।
70 क्विंटल स्टील और 720 बांस से तैयार हो रहा महा रावण
221 फीट ऊंचे रावण के निर्माण में लगभग 70 क्विंटल स्टील और लोहे का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा ढांचे को मजबूती देने के लिए 720 बांस लगाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक की लंबाई करीब 24 फीट है। रावण की भव्य पोशाक तैयार करने के लिए लगभग 4,000 मीटर वेलवेट कपड़े का उपयोग किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार पुतले की मजबूती, सुरक्षा और आकर्षक डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि दहन के समय यह भव्य दृश्य प्रस्तुत कर सके।
2021 इको-फ्रेंडली पटाखों से होगा दहन
इस विशाल पुतले में लगभग 2021 इको-फ्रेंडली पटाखे लगाए जा रहे हैं। साथ ही 18 हाईटेक लाइटिंग पॉइंट्स भी लगाए जाएंगे जिन्हें रिमोट कंट्रोल के जरिए संचालित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदूषण कम करने वाले पटाखों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रोशनी और आतिशबाजी का संयोजन दशहरा समारोह को और भी भव्य बनाएगा।
360 डिग्री घूमेगा रावण का चेहरा
इस बार रावण के पुतले में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। रावण का चेहरा 360 डिग्री तक घूम सकेगा, जिसके लिए विशेष मैकेनिकल सिस्टम लगाया गया है। पुतले में 50 से 60 तकनीकी जोड़ लगाए गए हैं जिन्हें अलग-अलग रिमोट सिस्टम से नियंत्रित किया जाएगा। इससे दहन से पहले रावण का पुतला जीवंत और आकर्षक दिखाई देगा।
221 Foot Tall Ravan on Dussehra : चार पीढ़ियों से पुतले बना रहे कारीगर
पुतला निर्माण से जुड़े कारीगरों का कहना है कि यह सिर्फ उनका पेशा नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही कला है। कारीगर शाहरुख ने बताया कि उनका परिवार पिछले चार पीढ़ियों से दशहरे के पुतले तैयार करता आ रहा है। इस बार उनकी टीम चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में छह अलग-अलग स्थानों पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार कर रही है। इन पुतलों की लागत लगभग एक लाख से सवा दो लाख रुपये तक है।
चंडीगढ़ और मोहाली में भी बन रहे विशाल पुतले
पंचकूला के 221 फीट रावण के अलावा सेक्टर-46 में 100 फीट ऊंचा रावण तथा 75-75 फीट के कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी तैयार किए जा रहे हैं। रामदरबार, सेक्टर-49, सेक्टर-51, धनास और मोहाली समेत कई इलाकों में दशहरे की तैयारियां जोरों पर हैं। कारीगरों के अनुसार इस बार अलग-अलग स्थानों पर पुतलों के निर्माण में करीब 200 क्विंटल बांस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो असम से मंगवाया गया है।
निष्कर्ष
दशहरे के अवसर पर पंचकूला का 221 फीट ऊंचा हाईटेक रावण इस बार लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है। विशाल आकार, आधुनिक तकनीक, इको-फ्रेंडली पटाखे और शानदार लाइटिंग के साथ यह आयोजन हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।
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