
टेक डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट)- Ethanol Stove : रसोई में खाना पकाने के लिए वर्षों से एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन अब एक नई तकनीक तेजी से चर्चा में है। इसे ‘एथेनॉल चूल्हा’ कहा जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में इस तकनीक को लेकर जानकारी साझा की, जिसके बाद यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। दावा किया जा रहा है कि एथेनॉल आधारित यह चूल्हा एलपीजी गैस की तुलना में अधिक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल साबित हो सकता है। यही कारण है कि लोग इस नई तकनीक के बारे में जानने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं।
क्या है एथेनॉल चूल्हा?
एथेनॉल चूल्हा एक आधुनिक कुकिंग स्टोव है, जो लिक्विड या जेल फॉर्म में उपलब्ध एथेनॉल ईंधन पर चलता है। यह ‘सस्टेनेबल कंबशन टेक्नोलॉजी’ पर आधारित है और इसमें एक छोटा ईंधन टैंक होता है, जिसमें एथेनॉल भरा जाता है। चूल्हे को जलाने पर यह बिना धुएं, कालिख और तेज गंध के उच्च तापमान वाली लौ पैदा करता है। रिपोर्ट्स के अनुसार एथेनॉल के जलने पर लगभग 700 से 800 डिग्री सेल्सियस तक तापमान उत्पन्न हो सकता है, जिससे खाना तेजी से पकाया जा सकता है।
Ethanol Stove : एलपीजी से सस्ता पड़ सकता है विकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल चूल्हा रसोई गैस के मुकाबले कम खर्चीला साबित हो सकता है। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार एक लीटर एथेनॉल से कई घंटों तक लगातार आंच प्राप्त की जा सकती है। नितिन गडकरी ने भी दावा किया है कि एथेनॉल आधारित तकनीक एलपीजी जैसी प्रभावी आंच उपलब्ध कराने में सक्षम है। हालांकि यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और बड़े पैमाने पर इसका उपयोग शुरू नहीं हुआ है।
पर्यावरण के लिए क्यों बेहतर माना जा रहा?
एथेनॉल एक बायो-फ्यूल है, जिसे गन्ना, मक्का और मीठे ज्वार जैसी फसलों से तैयार किया जाता है। चूंकि यह जीवाश्म ईंधन नहीं है, इसलिए इसे पर्यावरण के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है। इसके उपयोग से धुआं और प्रदूषण कम होता है, जिससे रसोई की हवा अपेक्षाकृत स्वच्छ रहती है। साथ ही गैस लीक जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होने का दावा किया जा रहा है।
अभी परीक्षण के दौर में है तकनीक
हालांकि एथेनॉल चूल्हे को लेकर कई सकारात्मक दावे किए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे बड़े स्तर पर अपनाने से पहले व्यापक परीक्षण और मजबूत सप्लाई सिस्टम की आवश्यकता होगी। यदि भविष्य में यह तकनीक सफल साबित होती है, तो यह एलपीजी सिलेंडर का एक किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बन सकती है।
Ethanol Stove : रसोई में आ सकता है बड़ा बदलाव
ऊर्जा के बढ़ते खर्च और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच एथेनॉल चूल्हा एक नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह तकनीक घरेलू रसोई के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ा बदलाव ला सकती है।
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