

जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट) : Maa Kushmanda : शारदीय नवरात्रि चल रहे हैं और आज चाैथा नवरात्र है। आज साधक मां कूष्मांडा की पूजा अर्चना कर रहे हैं। मां कूष्मांडा की साधना करने पर साधक के जीवन से जुड़े सभी कष्ट दूर और कामनाएं पूरी होती हैं। इनका निवास सूर्य मंडल के भीतर के लोक में स्थित है। सूर्य लोक में निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है।
मां कूष्मांडा की पूजा के लिए नवरात्रि के चौथे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और मां कूष्मांडा का व्रत करने का संकल्प करें। पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र कर लें। लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें और मां कूष्मांडा का स्मरण करें। पूजा में पीले वस्त्र फूल, फल, मिठाई, धूप, दीप, नैवेद्य, अक्षत आदि अर्पित करें। मां के इस स्वरूप की पूजाने करने अनाहत चक्र जागृत होता है। सारी सामिग्री अर्पित करने के बाद मां की आरती करें और भोग लगाएं। सबसे आखिर में क्षमा याचना करें और ध्यान लगाकर दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
Maa Kushmanda : साधना मंत्र-
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥
देवी कूष्माण्डा का बीज मंत्र-
ऐं ह्री देव्यै नम:
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