

अयोध्या (वीकैंड रिपोर्ट)- Consecration ceremony of Sri Vigraha : श्रीराम भक्तों के लिए बड़ी खबर सामने खबर है। खबर अयोध्या में राम लला के श्री विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर है। 22 जनवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला के श्री विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने अयोध्या आएंगे। दोपहर 12.30 बजे प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस मौके पर देश के 4000 संत-महात्मा और समाज के 2500 प्रतिष्ठित महानुभाव उपस्थित रहेंगे।
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए 22 जनवरी का दिन ही क्यों चुना गया है? 22 जनवरी को मृगशीर्ष नक्षत्र का योग बन रहा है जो खुद में बेहद खास है। माना जाता है कि 22 जनवरी की तारीख पर बन रहे योग विष्णु पुराण के मुताबिक भी बेहद शुभ हैं। कहते हैं इन योगों में शुरू हुए काम कालजयी साबित होते हैं।
Consecration ceremony of Sri Vigraha : ज्योतिष के अनुसार मृगशीर्ष नक्षत्र को कृषि कार्य, व्यापार, विदेश यात्रा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है, चूंकि भारत कृषि प्रधान देश है, ऐसे में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा इस शुभ मुहूर्त में करने से राष्ट्र का कल्याण होगा और वह उत्तरोत्तर प्रगति करेगा। इसके अलावा इस मुहूर्त का लग्न भी सर्वदोष रहित है और बान भी नहीं मिल रहे हैं। बान से मतलब अवरोधों से है। शास्त्रों में पांच तरह के बान यानी अवरोधों का उल्लेख है जिसमें रोग, अग्नि, राज, चोर और मृत्यु हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त में एक भी बान नहीं है।
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