
चंडीगढ़, 4 जून 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- Punjab SC Commission Summons : पंजाब अनुसूचित जाति (SC) आयोग ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को विभिन्न मामलों में 15 जून को पेश होने के लिए फिर से तलब किया है। आयोग का कहना है कि तीनों नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणियों से जुड़े मामलों की सुनवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार, आयोग ने आज भी केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पेश होने के लिए बुलाया था, लेकिन वह आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उनके वकीलों ने आयोग को बताया कि चंडीगढ़ में होने वाले राज्यसभा चुनावों की व्यस्तताओं के कारण बिट्टू पेश नहीं हो सके। इसके चलते आयोग ने उन्हें दोबारा 15 जून को उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू को धूरी नगर निकाय चुनाव के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई बहस से जुड़े मामले में तलब किया गया है। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ जातिगत टिप्पणी की थी। मामले का संज्ञान लेते हुए आयोग ने पहले संगरूर पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सुना था। हालांकि बिट्टू इस मामले में पहले सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं, फिर भी आयोग जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
Punjab SC Commission Summons : वहीं, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा को दो अलग-अलग मामलों में आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। पहला मामला तरनतारन में चुनाव प्रचार के दौरान बाबा जीवन सिंह जी (भाई जैता सिंह जी) की तस्वीर के राजनीतिक इस्तेमाल से जुड़ा है। दूसरा मामला मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग का है। आयोग के अनुसार, बाजवा को पहले भी कई बार तलब किया गया था, लेकिन वह पेश होने के बजाय न्यायालय का रुख कर चुके हैं।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को भी विभिन्न विवादित बयानों के चलते नोटिस जारी किया गया है। आयोग के मुताबिक, उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री बूटा सिंह और मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा चुनावों के दौरान उन्होंने पंजाब SC आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी के खिलाफ भी कथित रूप से विवादित बयान दिया था।
आयोग का कहना है कि सभी मामलों की निष्पक्ष सुनवाई की जाएगी और संबंधित नेताओं को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। आयोग ने तीनों नेताओं को 15 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है और सभी की नजरें अब 15 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
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