

अमृतसर/चंडीगढ़ (वीकैंड रिपोर्ट)- Australia Rejects Basmati Rice Shipments : पंजाब और हरियाणा के बासमती चावल निर्यातकों को ऑस्ट्रेलिया से बड़ा झटका लगा है। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने उन फ्यूमिगेशन सर्टिफिकेट्स को मान्यता देने से इनकार कर दिया है, जो बाद में निलंबित की गई फ्यूमिगेशन एजेंसियों द्वारा जारी किए गए थे। इस फैसले के बाद करीब 50 से 60 कंटेनरों के ऑस्ट्रेलिया से वापस लौटने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे निर्यातकों में चिंता का माहौल है।
फ्यूमिगेशन सर्टिफिकेट बने विवाद की वजह
ऑस्ट्रेलिया में कृषि और जैव-सुरक्षा नियमों के तहत चावल के निर्यात से पहले फ्यूमिगेशन प्रक्रिया अनिवार्य होती है। यह प्रक्रिया ‘खापरा बीटल’ जैसे खतरनाक कीटों को रोकने के लिए की जाती है। लेकिन हालिया ऑडिट के बाद कुछ भारतीय फ्यूमिगेशन एजेंसियों की मंजूरी निलंबित कर दी गई, जिसके चलते उनके द्वारा जारी सर्टिफिकेट भी विवादों में आ गए हैं।
ऑस्ट्रेलियाई जांच के बाद कई एजेंसियों पर कार्रवाई
ऑस्ट्रेलिया के कृषि, मत्स्य एवं वानिकी विभाग (DAFF) ने जून महीने में पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में कई फ्यूमिगेशन सर्विस प्रोवाइडरों का ऑडिट किया था। जांच में रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं में कथित खामियां मिलने के बाद कई एजेंसियों की मंजूरी निलंबित कर दी गई। इसके बाद इन एजेंसियों द्वारा जारी सर्टिफिकेट्स की वैधता पर भी सवाल उठने लगे।
Australia Rejects Basmati Rice Shipments : निर्यातकों ने उठाया मुआवजे का मुद्दा
प्रभावित निर्यातकों का कहना है कि उन्होंने सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की थीं और अधिकृत एजेंसियों से फ्यूमिगेशन करवाने के बाद ही माल ऑस्ट्रेलिया भेजा गया था। उनका तर्क है कि यदि सर्टिफिकेट जारी होने के समय एजेंसी अधिकृत थी, तो बाद में उसकी मंजूरी रद्द होने का नुकसान व्यापारियों पर नहीं डाला जाना चाहिए। कारोबारियों ने सरकार से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।
250 से अधिक कंटेनर रास्ते में, बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के लिए 250 से ज्यादा कंटेनर पहले ही रवाना हो चुके हैं। इनमें से करीब 40-45 कंटेनरों की फ्यूमिगेशन एक ऐसी एजेंसी ने की थी, जिसकी मंजूरी बाद में निलंबित कर दी गई। अब यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितनी खेपों को वापस लौटाया जाएगा।
रिटेल पैक चावल की दोबारा फ्यूमिगेशन बनी चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार 1 किलो, 5 किलो, 15 किलो और 20 किलो के पैकेटों में पैक बासमती चावल की दोबारा फ्यूमिगेशन करना बेहद मुश्किल है। इसके लिए पैकेजिंग को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और बिक्री दोनों प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि ऐसी खेपों के वापस भारत लौटने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।
हर दिन बढ़ रहा है आर्थिक नुकसान
निर्यातकों के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई बंदरगाहों पर रुके कंटेनरों पर प्रतिदिन करीब 500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का डिमरेज शुल्क लग रहा है। यदि खेप वापस भेजी जाती है, तो लॉजिस्टिक्स लागत, री-फ्यूमिगेशन खर्च और ऑर्डर रद्द होने से करोड़ों रुपये का अतिरिक्त नुकसान हो सकता है।
Australia Rejects Basmati Rice Shipments : APEDA ने की सख्त कार्रवाई की सिफारिश
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने संबंधित फ्यूमिगेशन एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है। मामले पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की नजर बनी हुई है।
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