
जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट)- Celebrates International Day : हंस राज महिला महाविद्यालय, जालंधर के इको क्लब द्वारा पंजाब जैव विविधता बोर्ड के सहयोग तथा भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के प्रायोजन से अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 का आयोजन स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव विषय के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रमों की श्रृंखला 22 मई 2026 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अमनदीप कौर, एडीसी (जी), जालंधर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने तथा प्रकृति संरक्षण को जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया। सुरजीत लाल, सचिव, रेडक्रॉस सोसायटी ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा हरित आवरण बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। पंजाब जैव विविधता बोर्ड के अधिकारियों सहित कुलदीप कौर (वन रक्षक) ने भी विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण हेतु प्रेरित किया।
डॉ. गुरहरमिंदर, Principal Scientific Officer ने जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर अत्यंत प्रेरणादायक एवं हृदयस्पर्शी व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और जैव विविधता का संरक्षण मानव अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। मनप्रीत ने स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव विषय की सार्थक व्याख्या करते हुए बताया कि छोटे-छोटे स्थानीय प्रयास वैश्विक स्तर पर बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी नागरिक बनने का आह्वान किया। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण कांजली वेटलैंड का शैक्षणिक भ्रमण रहा।
Celebrates International Day : भ्रमण के दौरान संसाधन व्यक्ति बोबिंदर ने जैव विविधता, आर्द्रभूमियों के महत्व तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। विद्यार्थियों ने स्थानीय वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं का अध्ययन किया, जैव विविधता प्रलेखन गतिविधियों में भाग लिया तथा प्रकृति अवलोकन के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन को समझा। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए लीफ जू विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिनमें गिरे हुए पत्तों से विभिन्न जीवों की रचनात्मक आकृतियाँ बनाकर प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, जैव विविधता प्रश्नोत्तरी, स्थानीय वनस्पति एवं जीव-जंतुओं की प्रदर्शनी, जन-जागरूकता अभियान तथा प्रकृति आधारित शिक्षण गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
एचएमवी कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की सलाहकार डॉ. सीमा मरवाहा तथा स्कूल कोऑर्डिनेटर अरविंदर ने भी जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। इको क्लब की संयोजिका डॉ. अंजना भाटिया ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) सदैव प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और पर्यावरणीय संतुलन पर बल देती रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक विज्ञान के समन्वय से पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की सफलता में सिमरन एवं अंजू के विशेष प्रयास सराहनीय रहे। मंच संचालन सुकृति द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों में जैव विविधता के प्रति जागरूकता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में अत्यंत सफल रहा।
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