
ब्रसेल्स (वीकैंड रिपोर्ट)- Entry Rules Changed in Europe : अमेरिका और ब्रिटेन के बाद अब European Union ने भी प्रवासियों के लिए अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 10 अप्रैल 2026 से 29 देशों में नया बायोमेट्रिक एंट्री-एग्जिट सिस्टम पूरी तरह लागू कर दिया गया है, जिससे शेंगेन क्षेत्र में प्रवेश का तरीका बदल गया है।
क्या है नया सिस्टम?
इस नई व्यवस्था के तहत अब पारंपरिक पासपोर्ट स्टैम्पिंग की जगह डिजिटल बायोमेट्रिक जांच की जाएगी। European Union Entry Exit System (EES) एक डिजिटल बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम है, जो यात्रियों की एंट्री, एग्जिट और एंट्री से इनकार का पूरा रिकॉर्ड रखेगा।
इस सिस्टम के तहत:
- पासपोर्ट स्कैन किया जाएगा
- चेहरे की फोटो ली जाएगी
- फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड किए जाएंगे
Entry Rules Changed in Europe : किन लोगों पर लागू होगा नियम?
यह नया नियम सभी गैर-यूरोपीय संघ नागरिकों पर लागू होगा, जिनमें भारतीय, अमेरिकी और ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। हालांकि, यूरोपीय संघ के नागरिक, लॉन्ग-टर्म वीजा होल्डर्स और स्थायी निवासी इस सिस्टम से बाहर रहेंगे। आयरलैंड और साइप्रस इस व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं।
क्यों किया गया बदलाव?
इस नए सिस्टम का उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, अवैध प्रवास को रोकना और यात्रियों के डेटा को डिजिटल रूप से ट्रैक करना है। इससे दशकों से चली आ रही मैन्युअल पासपोर्ट स्टैम्पिंग प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। अब शेंगेन बॉर्डर पर यात्रियों को पहले से ज्यादा सख्त और डिजिटल जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।
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