
टेक डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट)- Online Mobile Shopping Fraud : भारत में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है और स्मार्टफोन खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं। लेकिन जहां ऑनलाइन खरीदारी ने लोगों की सुविधा बढ़ाई है, वहीं साइबर ठगों को भी ठगी के नए मौके मिल गए हैं। आज साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट, नकली विज्ञापन, फर्जी कस्टमर केयर, फिशिंग लिंक और डिलीवरी स्कैम के जरिए लोगों के बैंक खाते मिनटों में खाली कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे ज्यादा लोग भारी डिस्काउंट, फ्लैश सेल और लिमिटेड टाइम ऑफर के लालच में आकर साइबर ठगी का शिकार बनते हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में करीब 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कैसे जाल बिछाते हैं साइबर ठग?
ऑनलाइन मोबाइल खरीदारी के दौरान साइबर अपराधी कई अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें सबसे आम तरीका फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट बनाना है। ये वेबसाइट बिल्कुल असली प्लेटफॉर्म जैसी दिखती हैं और महंगे स्मार्टफोन बेहद कम कीमत पर बेचने का दावा करती हैं। ग्राहक भुगतान कर देता है, लेकिन बाद में या तो कोई डिलीवरी नहीं होती या फिर गलत सामान भेज दिया जाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी बड़े डिस्काउंट और स्टॉक क्लियरेंस सेल के नाम पर फर्जी विज्ञापन चलाए जाते हैं। इन विज्ञापनों पर क्लिक करते ही यूजर नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जहां उसकी बैंकिंग जानकारी और भुगतान विवरण चुरा लिए जाते हैं।
फर्जी कस्टमर केयर और रिफंड स्कैम का बढ़ा खतरा
कई मामलों में लोग ऑनलाइन ऑर्डर से जुड़ी शिकायत के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजते हैं। साइबर ठग नकली हेल्पलाइन नंबर डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसके बाद AnyDesk, TeamViewer या अन्य स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। इसके अलावा WhatsApp, SMS और ईमेल के जरिए फर्जी पेमेंट लिंक भेजकर भी लोगों की संवेदनशील जानकारी चोरी की जा रही है।
Online Mobile Shopping Fraud : डिलीवरी स्कैम भी बना बड़ा खतरा
हाल के दिनों में डिलीवरी स्कैम के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इसमें ठग खुद को डिलीवरी एजेंट बताकर OTP या QR कोड स्कैन करने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति जानकारी साझा करता है, उसके खाते से पैसे निकल सकते हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और ग्रामीण क्षेत्रों तक ऑनलाइन खरीदारी पहुंच चुकी है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कई लोग अभी भी डिजिटल सुरक्षा के बुनियादी नियमों से अनजान हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। युवाओं में भारी डिस्काउंट और सीमित समय के ऑफर का आकर्षण भी ऐसे अपराधों को बढ़ावा दे रहा है। यही वजह है कि नए स्मार्टफोन लॉन्च और फेस्टिवल सेल के दौरान साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी देखने को मिलती है।
ऐसे पहचानें फर्जी ऑफर
यदि कोई स्मार्टफोन बाजार कीमत से बहुत कम दाम में मिल रहा है, तो सतर्क हो जाना चाहिए। फर्जी वेबसाइट अक्सर असली कंपनियों से मिलते-जुलते डोमेन नाम का इस्तेमाल करती हैं। कई बार वेबसाइट केवल एडवांस पेमेंट मांगती है और कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प नहीं देती। विशेषज्ञों के मुताबिक, जल्द खरीदने का दबाव बनाने वाले संदेश, नकली रिव्यू और खराब भाषा वाली वेबसाइट भी ठगी का संकेत हो सकती हैं।
ऑनलाइन खरीदारी करते समय बरतें ये सावधानी
मोबाइल फोन हमेशा विश्वसनीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट से ही खरीदना चाहिए। वेबसाइट का URL ध्यान से जांचें और सुनिश्चित करें कि उसमें HTTPS सुरक्षा मौजूद हो। फोन की डिलीवरी मिलने पर अनबॉक्सिंग का वीडियो रिकॉर्ड करना भी फायदेमंद माना जाता है। साथ ही फोन का IMEI नंबर जांचकर बॉक्स पर लिखे नंबर से मिलान करना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। कोई भी बैंक, कंपनी या डिलीवरी एजेंट ऐसी जानकारी नहीं मांगता।
Online Mobile Shopping Fraud : सरकार भी चला रही जागरूकता अभियान
साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार और विभिन्न एजेंसियां लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं। गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत साइबर सुरक्षा एजेंसियां लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं। साथ ही फर्जी वेबसाइटों और साइबर गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। ऑनलाइन मोबाइल खरीदारी सुविधाजनक जरूर है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए किसी भी आकर्षक ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करना बेहद जरूरी है।
-----------------------------------------------------------------
देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए >>>Join WhatsApp Group Join<<< करें। आप हमें >>>Facebook<<< फॉलो कर सकते हैं। लेटेस्ट खबरें देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को भी सबस्क्राइब करें।
-----------------------------------------------------------------


