

जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट) – Raksha Bandhan : रक्षा बंधन सिर्फ एक अनुष्ठान से कहीं अधिक है, यह प्यार, विश्वास और एकजुटता का उत्सव है। यह हर किसी को परिवार के महत्व और भाई-बहन के बंधन की ताकत की याद दिलाता है। यह त्यौहार पूरे भारत में परिवारों और समुदायों के लिए खुशी, एकता और अपनेपन की भावना लाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 9 अगस्त 1 बजकर 24 मिनट पर होगा। ऐसे में 9 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा।
माना जाता है कि जिस समय भद्रा लगती है उस समय भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ नहीं होता है। ऐसे में भद्रा का साया रक्षाबंधन पर है या नहीं यह हर साल ही बड़ा सवाल रहता है। हालांकि, इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं होगा। मान्यतानुसार रक्षाबंधन पर बांधी गई राखी को 24 घंटों के बाद उतारा जा सकता है। जन्माष्टमी के दिन भी कलाई से राखी हटाई जा सकती है। बहुत से भाई राखी को तबतक बांधकर रखते हैं जबतक कि वह कलाई से खुद उतर नहीं जाती है।
-----------------------------------------------------------------
देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए >>>Join WhatsApp Channel Join<<< करें। आप हमें >>>Facebook<<< फॉलो कर सकते हैं। लेटेस्ट खबरें देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को भी सबस्क्राइब करें।
-----------------------------------------------------------------


