
अमृतसर, 1 जून 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- Majitha Police Station Controversy : मजीठा थाने में पुलिस हिरासत के दौरान हुई घटना को लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में पुलिस और शिरोमणि अकाली दल आमने-सामने आ गए हैं। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सुहैल मीर कासिम ने दावा किया है कि पुलिस कस्टडी में रखे गए आरोपी को छुड़ाने के लिए सुनियोजित तरीके से भीड़ थाने में घुसी और पुलिस कार्रवाई में बाधा पहुंचाई गई।
कानूनी हिरासत में था आरोपी
एसएसपी के अनुसार सोहियां कलां निवासी जोबनप्रीत सिंह को मजीठा पुलिस ने 30 मई 2026 को दर्ज केस नंबर 90 के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार किया था। आरोपी से पूछताछ जारी थी और उसे पुलिस हिरासत में रखा गया था।
थाने के बाहर जुटी भीड़
पुलिस के मुताबिक सुबह करीब 10:30 बजे बड़ी संख्या में लोग मजीठा थाने के बाहर एकत्रित हो गए। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस कर्मियों को धक्का देकर जबरन थाने में प्रवेश करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों का उद्देश्य हिरासत में मौजूद आरोपी को छुड़ाना था।
बिक्रम सिंह मजीठिया की मौजूदगी का दावा
एसएसपी सुहैल मीर कासिम ने मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि घटना के समय पूर्व विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि इस मामले में अकाली दल की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Majitha Police Station Controversy : सरकारी रिकॉर्ड और फाइलों से छेड़छाड़ का आरोप
पुलिस का आरोप है कि भीड़ बिना अनुमति थाने के विभिन्न कमरों में दाखिल हुई। इस दौरान सरकारी रिकॉर्ड, केस फाइलों और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई तथा सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।
SHO और DSP के साथ हाथापाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब SHO और DSP मजीठा मौके पर पहुंचे तो उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। इसके बावजूद कुछ लोगों ने आरोपी को कमरे से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। पुलिस का यह भी आरोप है कि हंगामे के दौरान SHO का मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया गया। हालांकि पुलिस कर्मियों ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और आरोपी को सुरक्षित हिरासत में वापस ले लिया गया।
SIT का गठन, जांच शुरू
घटना को गंभीर मानते हुए पुलिस विभाग ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। इस टीम का नेतृत्व SP PBI करेंगे। जांच टीम में दो DSP और एक SHO स्तर के अधिकारी को भी शामिल किया गया है।
6 से 7 लोगों की पहचान, छापेमारी जारी
एसएसपी ने बताया कि घटनास्थल के वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर अब तक 6 से 7 लोगों की पहचान की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार घटना के समय 50 से अधिक लोग मौजूद थे। बाकी लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
Majitha Police Station Controversy : कानून से ऊपर कोई नहीं: SSP
एसएसपी सुहैल मीर कासिम ने कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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