
पटना, 9 जून 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- Contractors Blacklisted Bihar : ग्रामीण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने, अनुबंधीय शर्तों का उल्लंघन करने तथा निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में पांच संवेदकों और निर्माण एजेंसियों को 10 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
विभागीय जांच में सामने आया कि कुछ एजेंसियों ने निविदाएं हासिल करने के लिए जाली अनुभव प्रमाण-पत्र और भ्रामक दस्तावेजों का उपयोग किया था। जांच के बाद आरोपों को सही पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, कार्य प्रमंडल सीवान-01 के अंतर्गत एक निविदा में फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के मामले में संबंधित निर्माण एजेंसी को दस वर्षों के लिए काली सूची में डाल दिया गया है। विभाग द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण के जवाब में एजेंसी ने बीमारी का हवाला देकर अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। विभाग ने इस जवाब को असंतोषजनक मानते हुए कार्रवाई की।
Contractors Blacklisted Bihar : इसी प्रकार, कार्य प्रमंडल महनार के तहत एक अन्य निविदा में फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र देने के मामले में वैशाली जिले के एक संवेदक को भी दस वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है। जांच के दौरान संवेदक ने त्रुटि के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की, लेकिन विभाग ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
कटिहार जिले के एक संवेदक के खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की गई है। भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत भागलपुर के सन्हौला क्षेत्र में कार्यालय भवन निर्माण से जुड़ी निविदा में जाली अनुभव प्रमाण-पत्र जमा करने के आरोप सही पाए गए। विभाग ने दस्तावेजों को तथ्यात्मक रूप से गलत पाया और स्पष्टीकरण को अस्वीकार कर दिया।
फर्जीवाड़े के अलावा विभाग ने कार्यों में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर भी सख्त रुख अपनाया है। सारण जिले की एक निर्माण एजेंसी को ग्रामीण सड़क के अनुरक्षण कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने, विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने और पत्राचार का जवाब नहीं देने के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया है।
वहीं पूर्णिया जिले की एक निर्माण एजेंसी पर मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत कार्यादेश मिलने के बावजूद निर्धारित समय में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा नहीं करने और एकरारनामा निष्पादित नहीं करने का आरोप साबित हुआ। विभाग ने एजेंसी की बिड सिक्योरिटी जब्त करते हुए उसे भी दस वर्षों के लिए काली सूची में डाल दिया है।
Contractors Blacklisted Bihar : ग्रामीण कार्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी फर्जी दस्तावेज, अनुबंध उल्लंघन या कार्यों में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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