





जालंधर (वीकेंड रिपोर्ट)- Maa Baglamukhi Dham Jalandhar : सिद्ध माँ बगलामुखी धाम में नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। धाम के संस्थापक एवं व्यवस्थापक नवजीत भारद्वाज ने माँ भक्तों को कहा कि मां ब्रह्मचारिणी के दिव्य स्वरूप हमें तप, त्याग, संयम और धैर्य का महत्व समझाते है। उनकी कठोर तपस्या हमें सिखाती है कि जीवन में कोई भी लक्ष्य बिना मेहनत, समर्पण और विश्वास के प्राप्त नहीं किया जा सकता।

नवजीत भारद्वाज ने कहा कि मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, हमें अपने लक्ष्य और विश्वास से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
नवजीत भारद्वाज ने माँ भक्तों को समझाते देते हुए कहा कि आज मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह हर चीज का परिणाम तुरंत चाहता है। थोड़ी-सी परेशानी आने पर उसका धैर्य टूट जाता है। लेकिन मां ब्रह्मचारिणी का संदेश है कि सच्ची साधना वही है, जिसमें मनुष्य कठिन समय में भी अपने विश्वास को बनाए रखे।

Maa Baglamukhi Dham Jalandhar : नवजीत भारद्वाज ने माँ भक्तों को संदेश देते हुए कहा कि तप का अर्थ केवल पूजा-पाठ करना नहीं, बल्कि अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना, दूसरों की सहायता करना और अहंकार का त्याग करना भी है। जब हम अपने भीतर प्रेम, करुणा और सहनशीलता को अपनाते हैं, तभी हमारी भक्ति सार्थक होती है। आइए हम सभी मां ब्रह्मचारिणी से प्रार्थना करें कि वे हमें जीवन में धैर्य, त्याग और सच्चाई के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें।

जय माता दी
हवनयज्ञ में भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।
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