

बठिंडा (वीकैंड रिपोर्ट)- Bathinda Municipal Corporation Tender Dispute : बठिंडा नगर निगम में प्रीमिक्स और इंटरलॉकिंग टाइलों के टेंडरों को लेकर चल रहे विवाद के बीच मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने पहली बार खुलकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने छोटे ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निगम का उद्देश्य किसी भी ठेकेदार को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि शहर के विकास कार्यों को समय पर पूरा करवाना है। मेयर ने कहा कि नगर निगम जनता के पैसे से विकास कार्य करवाता है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही या देरी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विकास कार्यों में हुई देरी पर जताई नाराजगी
मेयर के अनुसार, नगर निगम ने पहले करीब 3.96 करोड़ रुपये के विकास कार्य फेयरडील कंस्ट्रक्शन और सरां कंस्ट्रक्शन को सौंपे थे। इन परियोजनाओं को पूरा करने में कथित तौर पर 350 से 400 दिनों तक की देरी हुई। उन्होंने दावा किया कि इस देरी के कारण निगम को करीब 5.33 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा, जिससे करोड़ों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा और शहर के कई विकास कार्य प्रभावित हुए।
दो कंपनियों को किया गया ब्लैकलिस्ट
नगर निगम ने विकास कार्यों में देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया। मेयर ने कहा कि सरकारी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने बताया कि करीब 5.32 करोड़ रुपये के प्रीमिक्स कार्यों के लिए दो बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने इसमें भागीदारी नहीं दिखाई। इसके बाद नगर निगम ने शहर की सड़कों के निर्माण और नवीनीकरण के लिए करीब 32 करोड़ रुपये का बड़ा टेंडर जारी किया। मेयर का दावा है कि इस प्रक्रिया में निगम को 8.8 प्रतिशत कम दर मिली, जिससे करीब 2.79 करोड़ रुपये की बचत होने की संभावना बनी है।
Bathinda Municipal Corporation Tender Dispute : छोटे ठेकेदारों को बाहर करने के आरोपों पर क्या बोले मेयर?
टेंडर प्रक्रिया में छोटे ठेकेदारों को नजरअंदाज करने के आरोपों पर मेयर ने कहा कि यह केवल एक गलतफहमी है। उन्होंने बताया कि ठेकेदारों के साथ बैठक कर उनकी आपत्तियों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। मेयर के मुताबिक, बैठक के बाद अधिकांश ठेकेदारों की शंकाएं दूर हो गईं और टेंडर प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई। प्रेस वार्ता के दौरान निगम द्वारा बताए गए आर्थिक नुकसान के आंकड़ों पर भी सवाल उठे। कुछ लोगों ने अतिरिक्त वित्तीय भार के दावों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि, निगम की ओर से कहा गया कि सभी आंकड़े रिकॉर्ड के आधार पर तैयार किए गए हैं।

जरूरत पड़ी तो जांच के लिए भी तैयार
मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता शहर का विकास और जनता के पैसे का सही उपयोग है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष को टेंडर प्रक्रिया को लेकर कोई संदेह है, तो निगम किसी भी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने के लिए तैयार है। मेयर ने बताया कि 32 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के तहत शहर की कई प्रमुख सड़कों का निर्माण और नवीनीकरण किया जाएगा। उनका दावा है कि इससे बठिंडा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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