

वाशिंगटन (वीकैंड रिपोर्ट): पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। हालांकि उनका यह दौरा कुछ अच्छा नहीं जा रहा है। पहले तो उन्हें वाशिंगटन एयरपोर्ट पर कोई बड़ा अमेरिकी अधिकारी रिसीव करने नहीं आया, वहीं रविवार को जब वह यहां एक ऑडिटोरियम में लोगों को संबोधित करने पहुंचे तो वहां बलूचिस्तान के समर्थकों ने उनका जमकर विरोध किया।
इमरान खान का भाषण सुनने के लिए अमेरिका में रह रहे पाकिस्तान के लोग बड़ी संख्या में ऑडिटोरियम में पहुंचे थे। तभी बलूचिस्तान प्रांत का एक युवा अपनी सीट से खड़ा होकर पाकिस्तान के विरोध में नारे लगाने लगा। बता दें कि अमेरिका में रह रहे बलूचिस्तान के लोग लगातार पाकिस्तान के खिलाफ अत्याचार को लेकर आवाजें उठाते रहे हैं। इनका आरोप है पाकिस्तान की सेना वहां मानव अधिकारों का उल्लंघन करती है। बाद में पाकिस्तान विरोधी नारे लगाने के चलते बलूचिस्तान के कुछ युवाओं को ऑडिटोरियम से बाहर निकाल दिया गया। हांलाकि इमरान खान ने अपने भाषण को नहीं रोका।
बता दें कि अपनी पहली विदेश यात्रा से पहले इमरान खान अपने देश में चौतरफा विरोधों से घिरे हुए हैं। पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान में राजनीतिक दलों, वल्र्ड बलोच ऑर्गनाइजेशन और बलोच रिपब्लिकन पार्टी ने एक जागरूकता अभियान चला रखा है। इन सबने उनके कार्यक्रम को बॉयकाट की अपील की थी। इसके अलावा 10 अमेरिकी सांसदों ने 19 जुलाई को ट्रंप को एक खत लिखा था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के सिंध इलाके में मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने ट्रंप से गुजारिश की थी कि ट्रंप 22 जुलाई को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ होने वाली अपनी बातचीत में इस मुद्दे को भी उठाएं। अमेरिकी सांसदों ने मानवाधिकारों के उल्लंघन और अन्याय की बात उठाते हुए कहा था कि अमेरिका के पाकिस्तान को 30,000 करोड़ डॉलर की मदद देने के बाद भी वहां पाकिस्तानी सरकार के जरिए ये मानवाधिकार का उल्लंघन और अन्याय जारी है।]]>
-----------------------------------------------------------------
देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए >>>Join WhatsApp Channel Join<<< करें। आप हमें >>>Facebook<<< फॉलो कर सकते हैं। लेटेस्ट खबरें देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को भी सबस्क्राइब करें।
-----------------------------------------------------------------

