





जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट)- Dhanteras 2026 : दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। इस साल 6 नवंबर को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुएं खरीदना शुभ माना जाता है। हालांकि, बदलते समय के साथ लोग सोना-चांदी को सिर्फ परंपरा के लिए नहीं, बल्कि निवेश के उद्देश्य से भी खरीदने लगे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि धनतेरस पर सोना खरीदना ज्यादा फायदेमंद रहेगा या चांदी? खासकर सीमित बजट वाले लोगों के लिए सही विकल्प चुनना जरूरी हो जाता है। निवेश का फैसला करते समय बजट, जोखिम और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।
सोने में निवेश के क्या हैं फायदे?
सोना लंबे समय से संपत्ति के मूल्य को सुरक्षित रखने का एक लोकप्रिय माध्यम रहा है। आर्थिक अनिश्चितता के दौरान भी निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं। सोने की एक खासियत यह है कि इसे जरूरत पड़ने पर अपेक्षाकृत आसानी से बेचा जा सकता है। हालांकि, सोने के आभूषण खरीदने पर मेकिंग चार्ज और टैक्स देना पड़ता है, जिससे निवेश की कुल लागत बढ़ जाती है। निवेश के उद्देश्य से गोल्ड कॉइन, गोल्ड बार और गोल्ड ETF जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव होता है, लेकिन आमतौर पर यह चांदी की तुलना में कम अस्थिर रहता है।
कम बजट वालों के लिए चांदी हो सकती है विकल्प
अगर आपका बजट कम है, तो चांदी एक किफायती विकल्प हो सकती है। सोने की तुलना में इसकी प्रति ग्राम कीमत कम होने के कारण निवेशक सीमित रकम में अधिक मात्रा खरीद सकते हैं। चांदी की मांग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे उद्योगों में भी होता है। हालांकि, चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। औद्योगिक मांग में बदलाव का असर भी इसकी कीमतों पर पड़ता है। इसलिए चांदी में संभावित मुनाफे के साथ जोखिम भी अधिक हो सकता है।
Dhanteras 2026 : सोना या चांदी, किसमें निवेश करना बेहतर?
अगर आपका उद्देश्य लंबे समय तक संपत्ति के मूल्य को सुरक्षित रखना और अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव वाला विकल्प चुनना है, तो सोने पर विचार किया जा सकता है। वहीं, अगर आपका बजट सीमित है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम उठा सकते हैं, तो चांदी भी एक विकल्प हो सकती है। हालांकि, दोनों धातुओं में निवेश करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और निवेश की समयावधि को समझना जरूरी है।
कीमतों में गिरावट के बाद खरीदारी का मौका?
सोने और चांदी की कीमतों में हाल के समय में उतार-चढ़ाव की चर्चा के बीच निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि, सोने में रिकॉर्ड स्तर से 25 प्रतिशत और चांदी में 55 प्रतिशत गिरावट के दावों की मौजूदा बाजार आंकड़ों से पुष्टि करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश नहीं करना चाहिए। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव हो सकता है।
गोल्ड और सिल्वर ETF भी हैं विकल्प
जो लोग सोना या चांदी खरीदकर घर में रखने की परेशानी से बचना चाहते हैं, उनके लिए गोल्ड ETF और सिल्वर ETF जैसे निवेश विकल्प उपलब्ध हैं। इनके जरिए बिना भौतिक धातु रखे सोने और चांदी की कीमतों से जुड़े निवेश में भागीदारी की जा सकती है। हालांकि, इनमें भी बाजार जोखिम और संबंधित शुल्क होते हैं। डिजिटल गोल्ड खरीदते समय भी सावधानी जरूरी है, क्योंकि इसका नियामकीय ढांचा गोल्ड ETF से अलग हो सकता है।
Dhanteras 2026 : धनतेरस पर खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदते समय केवल शुभ परंपरा ही नहीं, बल्कि अपनी आर्थिक जरूरतों को भी प्राथमिकता दें। आभूषण खरीद रहे हैं तो शुद्धता, मेकिंग चार्ज और बिल जरूर जांचें। निवेश के लिए एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय अपनी बचत, जोखिम उठाने की क्षमता और लंबी अवधि के लक्ष्यों के अनुसार फैसला करें।
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