

कनाडा (वीकैंड रिपोर्ट)- Canada PGWP Rejection Indian Students Protest : कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के कैलगरी शहर में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन खारिज होने के बाद करीब 1,000 भारतीय छात्र पिछले तीन सप्ताह से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल छात्रों में बड़ी संख्या पंजाब से है। अपनी मांगों को लेकर छात्र खराब मौसम, बारिश और तेज धूप के बीच भी धरने पर डटे हुए हैं। वहीं, 29 जुलाई से कुछ छात्रों ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।
पढ़ाई पूरी की, फिर भी नहीं मिला वर्क परमिट
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर कनाडा में उच्च शिक्षा प्राप्त की। कॉलेज में दाखिले के समय उन्हें भरोसा दिया गया था कि उनका कोर्स PGWP के लिए मान्य है, लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद उसी कोर्स को गैर-मान्य बताते हुए वर्क परमिट देने से इनकार कर दिया गया।
एक छात्रा ने बताया कि वह जुलाई 2024 में कनाडा पहुंची थी और बिना किसी विषय में असफल हुए अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बावजूद जुलाई 2026 में उसका आवेदन एंट्री रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी का हवाला देकर खारिज कर दिया गया, जबकि उसके साथ पढ़ने वाले कई अन्य छात्रों को वर्क परमिट मिल चुका है।
हजारों छात्र हो सकते हैं प्रभावित
छात्रों का आरोप है कि इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने बड़ी संख्या में रिजेक्शन लेटर जारी किए हैं। उनका दावा है कि केवल दो दिनों में पोर्टेज कॉलेज के करीब 250 छात्रों के आवेदन खारिज कर दिए गए, जबकि प्रभावित छात्रों की संख्या 2,000 तक पहुंच सकती है। छात्रों के अनुसार उन्होंने लगभग 32 हजार कनाडाई डॉलर (करीब 20 लाख रुपये) खर्च कर पढ़ाई पूरी की, लेकिन अब अचानक नियमों की अलग व्याख्या कर उनके आवेदन अस्वीकार किए जा रहे हैं।
Canada PGWP Rejection Indian Students Protest : वर्क परमिट रद्द होने से बढ़ीं मुश्किलें
PGWP आवेदन खारिज होने के बाद कई छात्रों का कानूनी स्टेटस, हेल्थ कार्ड और अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्रभावित हो गई हैं। इससे इलाज, पहचान और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। कैलगरी के स्थानीय गुरुद्वारा साहिब ने प्रदर्शनकारी छात्रों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से छात्रों के लिए लंगर, राशन और जरूरत पड़ने पर रहने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों की सलाह
इमिग्रेशन विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे दोबारा PGWP के लिए आवेदन करने के बजाय पहले इमिग्रेशन विभाग से पुनर्विचार (Reconsideration) की मांग करें। आवश्यकता पड़ने पर तय समय सीमा के भीतर फेडरल कोर्ट का रुख करने की भी सलाह दी गई है। साथ ही, 90 दिनों के भीतर किसी मान्यता प्राप्त पब्लिक कॉलेज में नया कोर्स लेकर अपना स्टूडेंट स्टेटस बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
उधर, अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने कहा है कि संबंधित कॉलेज को सीधे तौर पर फर्जी संस्थान नहीं माना जा सकता, लेकिन छात्रों को स्थायी निवास (PR) को लेकर भ्रामक जानकारी दी गई हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास वैध इमिग्रेशन स्टेटस नहीं होगा, उन्हें कनाडा छोड़ना पड़ेगा।
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