
चंडीगढ़, 20 मई 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- Haryana Petrol Diesel Ban : दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण और खराब होती हवा की गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993’ में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी गई है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत NCR क्षेत्र में काम करने वाली एग्रीगेटर कंपनियां, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर और ई-कॉमर्स कंपनियां अपने बेड़े में नई पेट्रोल और डीजल गाड़ियां शामिल नहीं कर सकेंगी।
नए नियमों के तहत 1 जनवरी 2026 से NCR क्षेत्रों में शामिल होने वाले सभी नए वाहन केवल CNG, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी ऑपरेटेड वाहन (BOV) या अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित होने चाहिए।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने की बड़ी कोशिश
हरियाणा सरकार का कहना है कि यह फैसला सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है।
सरकार का मानना है कि NCR क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर ऐप आधारित टैक्सी सेवाएं, डिलीवरी वाहन और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक गाड़ियां लगातार सड़कों पर दौड़ रही हैं।
ऐसे में यदि नए वाहनों को स्वच्छ ईंधन आधारित नहीं बनाया गया तो आने वाले वर्षों में प्रदूषण का स्तर और खतरनाक हो सकता है।
Haryana Petrol Diesel Ban : ऑटो-रिक्शा पर भी लागू होंगे नए नियम
सरकारी बयान के अनुसार, अब मौजूदा बेड़े में शामिल होने वाले नए तिपहिया ऑटो-रिक्शा भी केवल CNG या इलेक्ट्रिक मॉडल ही होंगे।
इस फैसले का सीधा असर ओला-उबर जैसी ऐप बेस्ड टैक्सी कंपनियों, फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स कंपनियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब अपने फ्लीट को तेजी से EV और CNG में बदलना होगा।
ऐप कंपनियों के लिए सख्त रेगुलेशन लागू
कैबिनेट ने हरियाणा मोटर वाहन नियम के नियम 86A में बदलाव करते हुए ऐप-आधारित सेवाओं के लिए एक नया व्यापक रेगुलेटरी ढांचा तैयार किया है।
इसके तहत अब एग्रीगेटर कंपनियों को यात्रियों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का बीमा देना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा ड्राइवरों के लिए भी कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस देना जरूरी किया गया है।
हर वाहन में होंगे जीपीएस, पैनिक बटन और अग्निशामक यंत्र
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी वाहनों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन, फर्स्ट-एड किट और फायर एक्सटिंग्विशर लगाना अनिवार्य कर दिया है।
साथ ही कंपनियों को 24 घंटे कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर स्थापित करने होंगे ताकि यात्रियों की शिकायतों और आपात स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके।
ड्राइवरों का डिजिटल वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य
सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए ड्राइवरों और वाहनों का डिजिटल वेरिफिकेशन भी जरूरी कर दिया है।
अब सभी ड्राइवरों और गाड़ियों की जांच वाहन और सारथी पोर्टल के जरिए की जाएगी।
इसके अलावा एग्रीगेटर्स और डिलीवरी कंपनियों को अपने साथ जुड़े सभी ड्राइवरों और वाहनों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड भी रखना होगा।
Haryana Petrol Diesel Ban : EV खरीदने पर मिल सकती है 100% टैक्स छूट
कैबिनेट बैठक से पहले परिवहन मंत्री अनिल विज ने इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भी बड़ी घोषणा की।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा में भी इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
फिलहाल राज्य सरकार EV पंजीकरण शुल्क पर 20 प्रतिशत तक की छूट देती है, लेकिन नई योजना लागू होने के बाद लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए बड़ा आर्थिक फायदा मिल सकता है।
500 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की तैयारी
अनिल विज ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार जल्द ही 500 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है, ताकि सार्वजनिक परिवहन को भी धीरे-धीरे पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा सरकार का यह फैसला आने वाले समय में NCR क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव ला सकता है। साथ ही इससे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी बड़ी गति मिलने की संभावना है।
-----------------------------------------------------------------
देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए >>>Join WhatsApp Group Join<<< करें। आप हमें >>>Facebook<<< फॉलो कर सकते हैं। लेटेस्ट खबरें देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को भी सबस्क्राइब करें।
-----------------------------------------------------------------


