
वॉशिंगटन, 9 मई 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- US sanctions on Iran : संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के ड्रोन और मिसाइल कार्यक्रम पर बड़ा प्रहार करते हुए कई विदेशी कंपनियों और कारोबारियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां गुप्त नेटवर्क के जरिए ईरानी सेना को तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संवेदनशील सामग्री उपलब्ध करा रही थीं।
ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर करने की कोशिश
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने बयान जारी कर कहा कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को कमजोर करना और उसके ड्रोन नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर फैलने से रोकना है। वॉशिंगटन ने चेतावनी दी है कि जो भी विदेशी कंपनियां तेहरान के रक्षा कार्यक्रम को मदद पहुंचाएंगी, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
चीन, दुबई और हांगकांग की कंपनियां निशाने पर
प्रतिबंधों की सूची में चीन, हांगकांग, दुबई और बेलारूस से जुड़ी कई कंपनियों और कारोबारियों के नाम शामिल किए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ये संस्थाएं ईरान को ऐसे उपकरण और तकनीक मुहैया करा रही थीं, जिनका इस्तेमाल शाहिद ड्रोन और अन्य सैन्य प्रणालियों में होता है। ट्रेजरी विभाग के मुताबिक कुछ कंपनियां फर्जी दस्तावेजों और शेल नेटवर्क के जरिए ईरान तक सामान पहुंचा रही थीं।
US sanctions on Iran : ट्रंप प्रशासन की सख्त चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने साफ कहा है कि ईरान की सैन्य ताकत बढ़ाने वाले नेटवर्कों को बख्शा नहीं जाएगा। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों और सहयोगी देशों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के सैन्य कार्यक्रम में मदद करने वाली कंपनियों को भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान लगातार अपने ड्रोन और समुद्री हमले की क्षमता बढ़ा रहा है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है। यह समुद्री रास्ता दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार हाल के महीनों में मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के चलते इस क्षेत्र में अस्थिरता भी बढ़ी है।
हर महीने हजारों ड्रोन बनाने का दावा
पश्चिमी सुरक्षा एजेंसियों और रिसर्च संस्थानों का दावा है कि ईरान तेजी से ड्रोन उत्पादन बढ़ा रहा है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि तेहरान हर महीने हजारों ड्रोन तैयार करने की क्षमता रखता है। हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए अमेरिकी प्रतिबंध ईरान की सप्लाई चेन पर दबाव जरूर बढ़ाएंगे, लेकिन तेहरान वैकल्पिक व्यापारिक रास्तों के जरिए अपने सैन्य कार्यक्रम को जारी रखने की कोशिश कर सकता है।
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