
वर्ल्ड डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट) Middle East conflict : मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ब्रिटेन के एयरबेस से अमेरिका के अत्याधुनिक B-52 बॉम्बर्स की उड़ान ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। इन परमाणु क्षमता वाले बमवर्षकों की तैनाती को बड़े सैन्य एक्शन का संकेत माना जा रहा है।
Middle East conflict अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही इशारा कर चुके हैं कि “आज रात कुछ बड़ा हो सकता है”, और अब इन बॉम्बर्स की मूवमेंट ने उस चेतावनी को और गंभीर बना दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ईरान के रणनीतिक ठिकानों—जैसे रेलवे पुल, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और पावर प्लांट—को निशाना बना सकता है, जिससे उसकी सैन्य और आर्थिक क्षमता कमजोर हो जाए।
इसी बीच, ईरान ने भी जवाबी ताकत का प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान और हमदान के आसमान में ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। ईरानी सेना ने दावा किया है कि इस कार्रवाई से बड़े पैमाने पर तबाही टल गई और देश की सुरक्षा प्रणाली ने अपनी मजबूती साबित की है।
Middle East conflict
तनाव को और बढ़ाते हुए, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अमेरिका के प्रस्ताव को रूस और चीन ने वीटो कर दिया है। यह प्रस्ताव होर्मुज जलडमरूमध्य को जबरन खुलवाने से जुड़ा था। रूस ने इसे अमेरिका की आक्रामक नीति बताया, जबकि चीन ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
अब कूटनीतिक रास्ते लगभग बंद नजर आ रहे हैं और पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर हालात और बिगड़े, तो मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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