
जालंधर (वीकेंड रिपोर्ट) : एलआईसी की एक लाइन बहुत मशहूर है-जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी. यानी कि कोई ऐसी पॉलिसी जो जीवन भर आपको सुरक्षा तो दे ही, मृत्यु के बाद भी परिजनों को सुरक्षा की गारंटी मिले. इस पॉलिसी का नाम है न्यू जीवन आनंद पॉलिसी. इस पॉलिसी की सबसे खास बात है मैच्योरिटी के बाद भी जमाकर्ता की जिंदगी सिक्योर रहती है क्योंकि उसका रिस्क कवर जारी रहता है जबकि एक निश्चित अवधि के बाद उसे कोई प्रीमियम चुकाने की जरूरत नहीं पड़ती.
न्यू जीवन आनंद पॉलिसी, जो इसे लोकप्रिय बनाती है. इसमें सबसे अहम है 100 साल की उम्र तक फ्री रिस्क कवर. 100 साल तक जमाकर्ता को फ्री रिस्क कवर मिलता है. इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं-कोई 30 साल का एक व्यक्ति 25 साल के लिए 10 लाख रुपये जमा करता है.
सरेंडर करने पर भी मिलेगी अच्छी रकम
इस पॉलिसी की दूसरी खासियत है-मैच्योरिटी के बाद भी पॉलिसी को सरेंडर किया जा सकता है. पॉलिसी होल्डर के सामने अगर कोई वित्तीय दिक्कत आती है तो वह फ्री रिस्क कवर को सरेंडर भी कर सकते हैं. अगर 75-80 वर्ष की उम्र में पॉलिसी को सरेंडर करवाते हैं तो पॉलिसीहोल्डर को 70 परसेंट की राशि मिल जाती है. 10 लाख रुपये के हिसाब से यह राशि 7 लाख रुपये की होती है. इसका मतलब है कि पॉलिसी होल्डर अपनी पॉलिसी को सरेंडर करके भी 7 लाख रुपये तक पा सकते हैं. एक ऐसी पॉलिसी जिसकी मैच्योरिटी आप बहुत पहले ले चुके हैं, 15-20 साल तक फ्री रिस्क कवर की सुविधा ले चुके हैं, इसके बावजूद उसे सरेंडर कर 7 लाख रुपये तक कमा सकते हैं.
नहीं भर पाए प्रीमियम तो चिंता की बात नहीं
इस पॉलिसी की तीसरी खास बात है-पेड अप वैल्यू आफ्टर 3 ईयर्स ऑफ प्रीमियम पेमेंट. इसके मुताबिक पॉलिसी 3 साल तक चलनी चाहिए जिसके बाद पेड अप वैल्यू बनती है. इसे एक उदाहरण से समझें. जैसे कोई पॉलिसी होल्डर इस पॉलिसी को लेने के बाद 5 साल ही चला पाया और फिर बंद कर दिया. 10 लाख की पॉलिसी 25 साल के लिए ली है लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने पर 5 साल में ही बंद कर दिया तो सम एस्योर्ड 2 लाख रुपये का बनेगा. यानी कि पॉलिसी होल्डर भले ही प्रीमियम न चुकाए लेकिन उसका 2 लाख रुपये का रिस्क कवर जारी रहेगा. अगर किसी तरह की अनहोनी हो जाती है तो उसके परिवार को 2 लाख रुपये मिलेगा. साथ में बोनस भी मिल सकता है. 5 साल प्रीमियम भरने के बावजूद 2 लाख का रिस्क कवर मिलेगा.
दुर्घटना होने पर खास सुविधा
इस पॉलिसी के तहत एक्सीडेंटल डेथ एंड डिसेबलिटी राइडर की सुविधा भी मिलती है. इसका मतलब हुआ कि पॉलिसी के दौरान दुर्घटना से मृत्यु हो जाए या पॉलिसीहोल्डर हमेशा के लिए विकलांग हो जाए तो उसे पूरा रिस्क कवर मिलता है. दुर्घटना से मृत्यु हो जाने पर पॉलिसीहोल्डर को 10 लाख के अलावा एक्स्ट्रा सम एस्योर्ड मिलता है. यह राशि 10 लाख से बढ़कर 20 लाख रुपये हो जाती है. पूर्ण विकलांगता के केस में पॉलिसीधारक का प्रीमियम माफ हो जाएगा और उस व्यक्ति को सालाना 1 लाख रुपये मिलेगा. यह सुविधा 10 वर्ष तक मिलेगी. साथ ही 10 वर्ष पर पॉलिसी की मैच्योरिटी भी मिलेगी.
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