
नई दिल्ली-केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने कहा है कि उसकी ओर से भेजी गई भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कंपनियां और सरकारी विभाग एक महीने के अंदर तथ्यपरक रिपोर्ट मुहैया कराएं। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस कदम का मकसद भ्रष्टाचार की शिकायतों पर वक्त पर कार्रवाई सुनिश्चित करना और अत्यधिक विलंब को रोकना है। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि इस कदम का उद्देश्य भ्रष्टाचार की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना और अत्यधिक देरी को रोकना है। सीवीसी ने अपने ताजा आदेश में कहा, ‘मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) को आयोग से शिकायत/सूचना प्राप्त होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर केवल प्रासंगिक रिकॉर्ड/दस्तावेजों की जांच के आधार पर आयोग को तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।’ केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) से ये रिपोर्ट मांगी। सीवीओ केंद्र सरकार के विभागों, संगठनों के खिलाफ मिलने वाली भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करते हैं। ऐसे मामलों की शिकायत मिलने पर सीवीओ को तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट जमा करनी होती है।
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