





चंडीगढ़ (वीकैंड रिपोर्ट)- Punjab Holiday : पंजाब में 16 अक्टूबर, शुक्रवार को बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के जन्म दिवस के अवसर पर राखवीं छुट्टी (Restricted Holiday – RH) घोषित की गई है। हालांकि यह सार्वजनिक अवकाश नहीं है, इसलिए सभी सरकारी कार्यालयों में अनिवार्य रूप से छुट्टी नहीं रहेगी। सरकारी कर्मचारी अपनी आवश्यकता और इच्छा के अनुसार इस वैकल्पिक अवकाश का लाभ ले सकते हैं।
RH यानी रेस्ट्रिक्टेड हॉलीडे ऐसी छुट्टी होती है जिसे कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत पसंद और आवश्यकता के अनुसार ले सकते हैं। यह छुट्टी सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नहीं होती, बल्कि इच्छुक कर्मचारी पूर्व अनुमति लेकर इसका लाभ उठा सकते हैं। बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की जयंती के अवसर पर घोषित यह अवकाश भी इसी श्रेणी में शामिल है।
स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी को लेकर नहीं आया कोई आदेश
फिलहाल पंजाब सरकार या संबंधित प्रशासन की ओर से स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए 16 अक्टूबर को छुट्टी का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थान सामान्य रूप से खुले रह सकते हैं। हालांकि किसी स्कूल, कॉलेज या संस्थान का प्रबंधन अपने स्तर पर अवकाश घोषित करने का निर्णय ले सकता है।
प्रशासन की ओर से अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैल रही किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। यदि किसी स्कूल या कॉलेज द्वारा छुट्टी घोषित की जाती है, तो इसकी सूचना विद्यार्थियों और अभिभावकों को आधिकारिक माध्यमों से समय रहते दे दी जाएगी।
Punjab Holiday : क्या होती है RH छुट्टी?
राखवीं छुट्टी (RH) या Restricted Holiday एक वैकल्पिक अवकाश व्यवस्था है, जो सरकारी कर्मचारियों को वर्ष में निर्धारित अवसरों पर दी जाती है। इस छुट्टी का उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत, धार्मिक या सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के अनुसार अवकाश चुनने की सुविधा देना है। आमतौर पर कर्मचारी साल में सीमित संख्या में RH छुट्टियों का लाभ ले सकते हैं। RH छुट्टी का प्रावधान मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए होता है। यह स्वतः स्कूलों, कॉलेजों, बैंकों या निजी संस्थानों पर लागू नहीं होता। इन संस्थानों में अवकाश संबंधी निर्णय संबंधित प्रबंधन या विभागीय निर्देशों के अनुसार लिया जाता है।
बाबा बंदा सिंह बहादुर सिख इतिहास के महान योद्धाओं और समाज सुधारकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए पंजाब में एक नई व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके जन्म दिवस पर हर वर्ष विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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