





वॉशिंगटन (वीकैंड रिपोर्ट)- EB-1 Green Card for Indians : अमेरिका में स्थायी निवास (Green Card) का सपना देख रहे भारतीय पेशेवरों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) ने चेतावनी दी है कि भारतीय नागरिकों के लिए रोजगार आधारित प्रथम श्रेणी (EB-1) ग्रीन कार्ड की उपलब्धता आने वाले कुछ हफ्तों में समाप्त हो सकती है। इसकी मुख्य वजह इस श्रेणी में रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी मांग और बड़ी संख्या में लंबित आवेदन बताए जा रहे हैं।
विदेश विभाग द्वारा जारी सितंबर 2026 वीजा बुलेटिन के अनुसार, भारत से जुड़े EB-1 आवेदनों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी है कि वित्तीय वर्ष 2026 समाप्त होने से पहले इस श्रेणी के लिए निर्धारित सभी वीजा जारी हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो EB-1 श्रेणी को अस्थायी रूप से ‘Unavailable’ (अनुपलब्ध) घोषित किया जा सकता है।
भारतीय पेशेवरों पर सबसे ज्यादा असर
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, रिसर्चर्स, वैज्ञानिक, प्रोफेसर और मल्टीनेशनल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में EB-1 श्रेणी में संभावित रोक उनके लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर वीजा उपलब्धता में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल बढ़ती मांग के कारण चिंता बनी हुई है।
क्या है EB-1 श्रेणी?
EB-1 अमेरिका की रोजगार आधारित पहली प्राथमिकता (Employment-Based First Preference) श्रेणी है। इसमें मुख्य रूप से असाधारण प्रतिभा वाले व्यक्ति, उत्कृष्ट प्रोफेसर और शोधकर्ता, तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधक और अधिकारी शामिल होते हैं। यह श्रेणी अन्य रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड कैटेगरी की तुलना में अधिक प्राथमिकता रखती है, इसलिए भारतीय आवेदकों के लिए इसका महत्व काफी ज्यादा है।
सितंबर 2026 के लिए क्या है स्थिति?
सितंबर वीजा बुलेटिन के अनुसार, भारत के लिए EB-1 श्रेणी की Final Action Date 15 अक्टूबर 2022 निर्धारित की गई है। इसका अर्थ है कि केवल उन्हीं आवेदनों पर अंतिम कार्रवाई संभव है जिनकी प्राथमिकता तिथि 15 अक्टूबर 2022 या उससे पहले की है। वहीं, EB-2 श्रेणी (उच्च डिग्री और विशेष योग्यता वाले पेशेवरों के लिए) सितंबर में भी ‘Unavailable’ बनी हुई है। यानी इस अवधि में इस श्रेणी के तहत कोई नया वीजा जारी नहीं किया जाएगा।
EB-1 Green Card for Indians : EB-3 में 12 साल से ज्यादा का इंतजार
रोजगार आधारित तीसरी प्राथमिकता (EB-3) श्रेणी में भी भारतीयों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। सितंबर 2026 के लिए इसकी Final Action Date 1 जनवरी 2014 निर्धारित की गई है। इसका मतलब है कि इस श्रेणी में भारतीय आवेदकों को 12 साल से अधिक पुराने मामलों की कतार का सामना करना पड़ रहा है। इसके मुकाबले अधिकांश अन्य देशों के लिए EB-3 की कट-ऑफ डेट 1 सितंबर 2024 है, जिससे भारत में बैकलॉग की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
EB-5 निवेशक श्रेणी में भी राहत नहीं
भारत के लिए EB-5 निवेशक श्रेणी (गैर-आरक्षित) भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों, उच्च बेरोजगारी वाले इलाकों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए आरक्षित EB-5 श्रेणियां अभी भी सभी देशों के लिए ‘Current’ बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि EB-1 श्रेणी भी अस्थायी रूप से बंद होती है, तो भारतीय पेशेवरों के लिए अमेरिका में स्थायी निवास का रास्ता और कठिन हो सकता है।
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