
नई दिल्ली (वीकैंड रिपोर्ट)- Gold Price : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक बाजारों पर दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और महंगाई की आशंकाओं के बीच सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना एक बार फिर करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि घरेलू बाजार में इसकी कीमत 1.40 लाख से 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तर पर सोने में बड़ी गिरावट की संभावना अब काफी कम है। उनके अनुसार, सोना अपने मजबूत सपोर्ट स्तर के करीब पहुंच चुका है और यहां से अधिकतम 5 प्रतिशत तक की गिरावट ही संभव है। ऐसे में लंबे समय के निवेशकों के लिए यह खरीदारी का अच्छा अवसर माना जा रहा है।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर पहुंचा दिया है, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की चिंता फिर तेज हो गई है। इसके अलावा निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर भी बनी हुई है। यदि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो सोने पर दबाव बना रह सकता है, क्योंकि सोना ब्याज देने वाली संपत्ति नहीं है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में अनिश्चितता धीरे-धीरे कम हो रही है और सोना फिलहाल स्थिर दायरे में कारोबार कर रहा है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय सोने में धीरे-धीरे निवेश शुरू करने के लिए अनुकूल हो सकता है। घरेलू बाजार में सोने का मजबूत सपोर्ट 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास माना जा रहा है। ऐसे निवेशक जो कीमतों में और बड़ी गिरावट का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अधिक समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए क्योंकि फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना कम मानी जा रही है।
Gold Price : ज्वेलरी बाजार में लौट रही है रौनक
सोने की कीमतों में स्थिरता आने के बाद ज्वेलरी बाजार में भी खरीदारी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। पिछले कुछ महीनों में ऊंची कीमतों के कारण ज्वेलर्स की बिक्री काफी प्रभावित हुई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, जहां पहले ज्वेलरी की मांग में 75 से 80 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई थी, वहीं अब यह घटकर 40 से 45 प्रतिशत रह गई है। आगामी अगस्त और सितंबर से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन में मांग और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
ज्वेलरी एक्सपोर्ट में भी बढ़ोतरी
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत से ज्वेलरी निर्यात में बढ़ोतरी का मुख्य कारण आयात शुल्क में बदलाव और खाड़ी देशों में भारतीय ज्वेलरी की बढ़ती मांग है। दुबई समेत कई देशों में रहने वाले भारतीय अब वहीं से ज्वेलरी खरीदना पसंद कर रहे हैं, जिससे भारतीय ज्वेलरी के निर्यात को भी फायदा मिल रहा है।
दिवाली तक कितनी हो सकती है सोने की कीमत?
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हो जाता है तो दिवाली तक घरेलू बाजार में सोने का भाव 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं यदि तनाव बना रहता है तो कीमतें 1.35 लाख से 1.45 लाख रुपये के दायरे में बनी रह सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3,800 डॉलर प्रति औंस को मजबूत सपोर्ट स्तर माना जा रहा है।
Gold Price : निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में निवेश करने वालों को एकमुश्त निवेश करने की बजाय चरणबद्ध (SIP जैसी रणनीति) अपनानी चाहिए। साथ ही अमेरिका-ईरान तनाव, महंगाई के आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि आने वाले समय में यही कारक सोने की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
नोट: यह जानकारी बाजार विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
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