
चंडीगढ़ (वीकैंड रिपोर्ट)- Punjab Excise Policy 2026 : पंजाब सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। पंजाब कैबिनेट की स्वीकृति के बाद यह तय किया गया है कि इस बार अंग्रेजी और देसी शराब के ठेके नीलाम नहीं किए जाएंगे। मौजूदा ठेकेदार अपने लाइसेंस रिन्यू करवा सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें पिछले वर्ष की तुलना में 6.5% अतिरिक्त राजस्व और 0.6% रिन्यू फीस देनी होगी। यानी कुल मिलाकर लगभग 7.1% अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। ठेकेदारों का कहना है कि इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ के चलते शराब की कीमतों में करीब 10% तक बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार को इस नीति से 2026-27 में लगभग 12,800 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। जो ठेकेदार नई शर्तों पर रिन्यू नहीं कराएंगे, उनके ठेके ही टेंडर के जरिए नीलाम किए जाएंगे।
राजस्व में लगातार बढ़ोतरी
राज्य में 2022-23 से मजबूत नीतिगत ढांचा लागू होने के बाद राजस्व में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
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2022-23: ₹8,428 करोड़
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2024-25: ₹10,744 करोड़
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2025-26 लक्ष्य: ₹11,200 करोड़ (प्राप्ति की ओर अग्रसर)
नई नीति के साथ राजस्व लक्ष्य और ऊंचा रखने की तैयारी है।
Punjab Excise Policy 2026 : अवैध शराब पर सख्ती
सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। पिछले वर्ष 4,406 एफआईआर दर्ज की गईं और 4,324 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 26,218 छापेमारियां और 24,832 नाके लगाए गए। इस दौरान 455 वाहन और 1,76,552 शराब की बोतलें जब्त की गईं।
40 डिग्री देसी शराब की नई किस्म
नई आबकारी नीति के तहत 40 डिग्री क्षमता वाली देसी शराब की नई किस्म बाजार में उतारी जाएगी। इसकी न्यूनतम और अधिकतम कीमत तय की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर मानक उत्पाद उपलब्ध हो सके। सरकार का मानना है कि इससे सीमावर्ती और ‘बेट’ क्षेत्रों में अवैध व मिलावटी शराब के कारोबार पर लगाम लगेगी। हाल के वर्षों में जहरीली शराब से हुई दुखद घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। नई नीति से उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, राजस्व में बढ़ोतरी और अवैध कारोबार पर सख्ती — तीनों लक्ष्य साधने की कोशिश की जा रही है।
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