

जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट)– Religious News : हिन्दू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है। माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और देवी-लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा अर्चना की जाती है और व्रत भी रखने का नियम है। इस बार लोग बहुत कंफ्यूज हैं। कोई 11 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाने की बात कर रहा है, तो कोई 12 को। पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत 11 फरवरी को शाम 06:55 मिनट पर होगी और समापन 12 फरवरी को शाम 07:22 मिनट पर. हिन्दू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व होता है। ऐसे में 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा।
– माघ पूर्णिमा के दिन मांस-मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए।
– इस दिन जीव-जन्तु को हानि नहीं पहुंचानी चाहिए।
– माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्घ्य देना चाहिए।
– इस दिन गुड़, तिल,घी, फल,अनाज,कंबल, गर्म कपड़े इत्यादि का दान करना चाहिए।
– इसके अलावा माघ पूर्णिमा के दिन सुख-समृद्धि की कामना करते हुए लक्ष्मी-नारायण की विधिवत पूजा करनी चाहिए।
– माघ पूर्णिमा के मौके पर ब्राह्मणों को भोजन करवाना शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
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