
चंडीगढ़, 17 अप्रैल 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- Central Govt Relief to Farmers : केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं खरीद के मापदंडों में ढील देने का फैसला किया है। यह कदम हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश से प्रभावित फसल को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि हाड़ी सीजन 2026-27 के लिए नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं की गुणवत्ता संबंधी मानकों में छूट दी गई है, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके और उनकी फसल उचित मूल्य पर बिक सके।
खरीद नियमों में ये मिली बड़ी राहत
नए प्रावधानों के तहत गेहूं की चमक (लस्टर) में कमी की सीमा बढ़ाकर 70% तक कर दी गई है। वहीं, पहले जहां टूटे और सिकुड़े दानों की अधिकतम सीमा 6% थी, उसे बढ़ाकर अब 15% कर दिया गया है। हालांकि पूरी तरह खराब और आंशिक रूप से खराब दानों की कुल मात्रा 6% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
Central Govt Relief to Farmers : अलग से स्टोरेज और जिम्मेदारी तय
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन ढीले मानकों के तहत खरीदी गई गेहूं को अलग से स्टोर किया जाएगा और उसका रिकॉर्ड भी अलग रखा जाएगा। इस स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत भेजा जाएगा। साथ ही स्टोरेज के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की होगी।
केंद्रीय टीम ने की थी जांच
इस फैसले से पहले केंद्रीय टीमों ने राज्य की विभिन्न मंडियों का दौरा कर करीब 300 गेहूं के सैंपल लिए थे। इनकी जांच भारतीय खाद्य निगम की चंडीगढ़ स्थित लैब में की गई। रिपोर्ट के आधार पर केंद्र ने यह राहत देने का निर्णय लिया। इस फैसले से उम्मीद है कि पंजाब की मंडियों में गेहूं की खरीद प्रक्रिया तेज होगी और बारिश से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
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