
जालंधर ( वीकैंड रिपोर्ट) – Religious News : वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर निर्जला एकादशी मनाई जाती है। इस बार 6 जून को निर्जला एकादशी व्रत किया जाएगा। जैसा कि नाम इसके नाम से पता चल रहा है, इसमें निर्जला व्रत रखने का विधान है। यह व्रत सबसे कठिन एकादशी में से एक माना जाता है, इसलिए इसके नियमों का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि व्रत खंडित न हो और व्रती को इसका पूरा फल प्राप्त हो सके। निर्जला एकादशी व्रत को लेकर इस बार संशय बना हुआ था। दृग पंचांग के अनुसार स्मार्त यानि गृहस्थ लोग 6 जून शुक्रवार को व्रत रखेंगे और अगले दिन यानी 7 जून को पारण करेंगे। जबकि वैष्णव यानि साधु सन्यासी समाज के लोग 7 जून को व्रत करेंगे और 8 जून को व्रत का पारण करेंगे।
निर्जला एकादशी 2025 अशुभ समय
6 जून को राहुकाल 10:36 ए एम से 12:20 पी एम तक है, जबकि 7 जून को राहुकाल सुबह में 08:51 ए एम से 10:36 ए एम तक है. इस समय में पूजा पाठ या अन्य कोई शुभ कार्य से परहेज करें।
निर्जला एकादशी व्रत का पारण 2025
6 जून को व्रत रखने वाले लोग पारण 7 जून को दोपहर में 01:44 बजे से शाम 04:31 बजे के बीच करेंगे, वहीं 7 जून को व्रत रखने वाले पारण 8 जून को सुबह 05:23 बजे से 07:17 बजे के बीच करेंगे।
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