
जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट)– Religious News : हाथ में कलावा या मौली या रक्षा सूत्र बांधना सुख समृद्धि का प्रतीक है। कलावा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और बुरी ताकतों से रक्षा करता है, लेकिन वैदिक परंपरा के अनुसार कलावा को लंबे समय तक हाथ में नहीं बांधे रहना चाहिए क्योंकि यह कुछ समय बाद ऊर्जा देना बंद कर देता है। कलावा को लंबे समय तक कलाई पर नहीं बांधना चाहिए। जब उसका रंग निकलने लगता है और वह टूटने लगता है तो उसे हाथ में बंधे रहने देना अशुभ माना जाता है। ऐसे में कलावा उतार देना चाहिए। बताया जाता है कि कलावा हाथ में 21 दिन तक बंधे रहने देना चाहिए, इसके बाद उसे उतार देना चाहिए।
Religious News : कलावे को लेकर कुछ पौराणिक कहानियां भी प्रचलित है। कहते हैं कि भगवान विष्णु के वामन अवतार में सामने आने के बाद राजा बलि ने उनसे अपने साथ पाताल लोक में रहने का अनुरोध किया और भगवान विष्णु पाताल में ही रहने लगे. तब माता लक्ष्मी ने राजा बलि के हाथ में कलावा बांधकर उन्हें भाई बना लिया और उनसे भगवान विष्णु को वापस मांग लिया। वैसे पौराणिक कथाओं से हटकर कई लोगों का मानना है कि कलावा बांधने के वैज्ञानिक फायदे भी हैं। मनुष्य की कलाई में कई तरह की नसें होती है और कलावा बांधने से इन नसों पर नियंत्रण रहता है। इसके कारण ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हृदय गति पर भी कंट्रोल रहता है।
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