जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट): पंजाब युवाचार्य संघीय मंत्री एवं प्रवर्तक स्वामी शुक्लचंद एवं व्याख्यान वाचस्पति कविरत्न सुरेंद्र मुनि दोनों ही भारत केसरी आचार्य काशी राम के शिष्य एवं प्रधानाचार्य सोहन लाल के प्रशिष्य थे। पद की गरिमा, सार्थकता व संतत्व की महिमा का पूर्णतया विवेक इनके जीवन में विद्यमान था। मर्यादा अनुशासन व मैत्री का भाव इनके जीवन का पर्याय था। ध्यान व जप साधना के बल पर शक्तियां व विभूतियां स्वयं प्राप्त थीं, ये योगनिष्ठ अध्यात्म की गहराईयों में उतरे हुए महा पुरूष थे।
उक्त विचार भारत सिंह की साध्वी डा. अर्चना ने प्रवत्र्तक शुक्ल चंद व गुरूवर्ग सुरेंद्र मुनि के पुण्स दिवस पर बोलते हुए जैन कालोनी जालंधर के जैन स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते हुए प्रकट किए। इस अवसर पर साध्वी मनीषा, साध्वी माध्वी, साध्वी वारसी, वैरागन साक्षी जैन, रूची जैन, डा. बबीता जैन लुधियाना, महामंत्री परमजैन अमृतसर, महामंत्री राकेश जैन अमृतसर अपने विचारों व भजनों द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किए। मंच संचालन उष्ठा जैन ने किया।
सुनील जैन व सुशील जैन पट्टी परिवार ने प्रभावना का लाभ लिया। इस अवसर पर मैंटल अस्पताल अमृतसर में लंगर भी लगाया गया।
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