
नई दिल्ली (वीकैंड रिपोर्ट) – यमन में केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सज़ा को असमंजस बरकरार है। आज सुबह सजा रद्द करने का दावा कंथापुरम एपी के ग्रैंड मुफ्ती अबुबकर मुसलियार के ऑफिस की तरफ से किया गया लेकिन इस दावे को भारतीय विदेश मंत्रालय ने गलत जानकारी बताया है।
16 जुलाई को प्रिया की फांसी तय थी, लेकिन एक दिन पहले भारत के ग्रैंड मुफ्ती एपी अबुबकर मुसलियार ने यमन सरकार से व्यक्तिगत अनुरोध किया। इसके परिणामस्वरूप फांसी को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। इस बीच विदेश मंत्रालय ने बयान दिया कि ने जो भी सूत्र निमिषा प्रिया से जुड़े फांसी रद्द करने के मामले में साझा कर रहे हैं वह गलत है। निमिषा 19 साल की उम्र में 2008 में नर्सिंग की नौकरी की तलाश में यमन गई थी। 2020 में एक स्थानीय अदालत ने उसे महदी को बेहोशी का इंजेक्शन देकर उसकी हत्या करने का दोषी पाया था।
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