





मानसा (वीकैंड रिपोर्ट)- Australian Dollars Raised of Parvinder Jhota : पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के नाम पर कथित तौर पर फंड इकट्ठा किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, उनके नाम से बनाई गई एक वेबसाइट के जरिए करीब 1 लाख 60 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जुटाए गए। हालांकि, अब यह वेबसाइट बंद कर दी गई है और जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया जाएगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि वेबसाइट आधिकारिक थी या नहीं और फंड जुटाने के लिए परिवार की सहमति ली गई थी या नहीं। ऐसे में इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वेबसाइट बंद, रकम के इस्तेमाल पर स्पष्टता नहीं
मिली जानकारी के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा के नाम पर एक वेबसाइट बनाई गई थी, जिसके जरिए लोगों से आर्थिक सहायता जुटाई जा रही थी। बताया जा रहा है कि इस माध्यम से लगभग 1.60 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एकत्र किए गए। अब वेबसाइट बंद हो चुकी है। वेबसाइट पर दिखाई देने वाले संदेश के मुताबिक, फंड जुटाने की प्रक्रिया रोक दी गई है और एकत्र की गई रकम के इस्तेमाल को लेकर आगे की जानकारी दी जानी थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पैसा किसके पास है और इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाएगा।
Australian Dollars Raised of Parvinder Jhota : परिवार ने लोगों से पैसे न देने की अपील की
इस मामले को लेकर ‘पंजाब केसरी’ के पत्रकार अरुण चोपड़ा के हवाले से बताया गया कि परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका पैसे इकट्ठा करने वाले लोगों से कोई संबंध नहीं है। भीम सिंह ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति परविंदर झोटा के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसे आर्थिक सहायता देने से पहले सावधानी बरतें और पैसे न दें। उनका कहना है कि वे नहीं चाहते कि उनके पास किसी तरह की रकम आए या आर्थिक लेन-देन के कारण उनका आंदोलन प्रभावित हो।
फंड जुटाने को लेकर उठे सवाल
परविंदर सिंह झोटा के नाम पर जुटाई गई रकम और वेबसाइट की आधिकारिक स्थिति को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह फंड परिवार की जानकारी में जुटाया गया था? रकम का वास्तविक उपयोग कहां होना है? और वेबसाइट बंद होने के बाद धनराशि की स्थिति क्या है? इन सवालों के जवाब अभी स्पष्ट नहीं हैं। फिलहाल, परिवार की अपील के बाद लोगों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी अपुष्ट ऑनलाइन फंड अभियान में पैसे देने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें। जब तक मामले में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती, तब तक इसे लेकर किसी तरह की धोखाधड़ी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
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