





जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट)- Amit Shah Punjab Rally : पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नशे के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर के परागपुर में आयोजित ‘नशामुक्त पंजाब महारैली’ को संबोधित किया। भाजपा की चार ‘नशामुक्त पंजाब यात्राओं’ के समापन अवसर पर आयोजित इस रैली में शाह ने पंजाब में बढ़ते नशे के कारोबार को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि राज्य को नशामुक्त बनाना भाजपा की प्राथमिकता है।
भाजपा के अनुसार, 18 सितंबर से शुरू हुई चार यात्राओं ने 13 दिनों में पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए लगभग 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया। रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पंजाब किसानों, जवानों और देशभक्ति की धरती है, लेकिन आज राज्य के सामने नशे की बड़ी चुनौती खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि यदि जनता भाजपा को मौका देती है तो 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा। शाह ने कहा कि पंजाब के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना और उन्हें नशे से दूर रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
आम आदमी पार्टी सरकार पर लगाए आरोप
रैली के दौरान अमित शाह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में नशे के कारोबार को रोकने में सरकार सफल नहीं रही। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब को नशामुक्त बनाने के जो वादे किए गए थे, वे पूरे नहीं हो सके।
शाह ने दिल्ली की शराब नीति से जुड़े विवादों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर गंभीर कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में किसान, उद्योग, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे अन्य मुद्दों को भी उठाएगी, लेकिन नशामुक्त पंजाब उसका प्रमुख एजेंडा रहेगा।
Amit Shah Punjab Rally : हरभजन सिंह और सुनील जाखड़ ने भी रखी बात
महारैली में मौजूद भाजपा सांसद हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब से नशे को खत्म करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अभियान से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और नशे के खिलाफ जनभागीदारी मजबूत होगी। वहीं भाजपा पंजाब के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार जाखड़ ने कहा कि पंजाब के विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दों के साथ-साथ नशे की समस्या का समाधान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रमुख प्राथमिकता के रूप में सामने रखा है।
चुनावी माहौल में नशा बना बड़ा मुद्दा
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस विषय पर अपनी-अपनी रणनीति और दावे पेश कर रहे हैं। भाजपा की ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ और उसके समापन पर आयोजित महारैली को इसी चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
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