





नई दिल्ली (वीकैंड रिपोर्ट)- Voter List Revision 2026 : देशभर में मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (EC) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया है। इस प्रक्रिया के तहत 1.12 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की संभावना है। आयोग का उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट, मृत, स्थानांतरित और विदेशी नागरिकों के नाम हटाकर केवल वैध मतदाताओं को सूची में बनाए रखना है।
किन नामों पर चल रही है कार्रवाई?
निर्वाचन आयोग ने ड्राफ्ट रोल और ASDDOF सूची जारी की है, जिसमें ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं जो अब अपने पते पर मौजूद नहीं हैं, किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं या जो भारतीय नागरिक नहीं हैं। ऐसे सभी मामलों की जांच के बाद नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा असर
इस विशेष अभियान का सबसे बड़ा प्रभाव कर्नाटक में देखने को मिल रहा है, जहां करीब 1.10 करोड़ मतदाताओं को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। आंध्र प्रदेश में लगभग 45 लाख, हरियाणा में करीब 38.8 लाख मतदाता सत्यापन प्रक्रिया के दायरे में हैं। वहीं उत्तराखंड में 8 लाख से अधिक नाम हटने की संभावना जताई जा रही है। मणिपुर में जातीय हिंसा और विस्थापन के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के पते बदल चुके हैं, जबकि दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है।
Voter List Revision 2026 : राज्यों की फाइनल वोटर लिस्ट कब आएगी?
निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग राज्यों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी करने का कार्यक्रम भी घोषित किया है।
- 6 सितंबर 2026 – ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर
- 11 सितंबर 2026 – दमन-दीव, दादरा एवं नगर हवेली
- 22 सितंबर 2026 – आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़
- 1 अक्टूबर 2026 – पंजाब, तेलंगाना
- 7 अक्टूबर 2026 – कर्नाटक, मेघालय, झारखंड
- 27 अक्टूबर 2026 – दिल्ली और महाराष्ट्र
- 22 नवंबर 2026 – नागालैंड
- 23 दिसंबर 2026 – त्रिपुरा
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में खराब मौसम के कारण संशोधित कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।
अगर आपका नाम कट जाए तो क्या करें?
यदि किसी वैध मतदाता का नाम गलती से सूची से हट जाता है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई है। मतदाता घर बैठे Voters Service Portal, ECINET मोबाइल ऐप या अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।


