

नई दिल्ली (वीकैंड रिपोर्ट)- Bitchat App India Controversy : बिना इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के काम करने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Bitchat को लेकर भारत में नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ जैक डॉर्सी ने दावा किया है कि भारत सरकार इस ऐप को हटाना चाहती है। हालांकि, इस दावे की अब तक किसी सरकारी एजेंसी या GitHub ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Jack Dorsey ने X पर किया दावा
जैक डॉर्सी ने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए एक कथित सरकारी नोटिस का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार Bitchat जैसी तकनीक को पसंद नहीं करती और इसे हटाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक गृह मंत्रालय, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), GitHub या किसी अन्य सरकारी संस्था की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। GitHub से भी प्रतिक्रिया मांगी गई है और जवाब मिलने पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
क्या है वायरल नोटिस का दावा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित दस्तावेज में दावा किया गया है कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने GitHub को नोटिस भेजकर Bitchat से जुड़े GitHub रिपॉजिटरी और एंड्रॉयड रिलीज पेज को हटाने या भारत में उनकी पहुंच सीमित करने के निर्देश दिए हैं। दस्तावेज में तीन GitHub लिंक का उल्लेख किया गया है, जिनमें Bitchat का मुख्य रिपॉजिटरी और एंड्रॉयड रिलीज पेज शामिल हैं। हालांकि, इस दस्तावेज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इसकी प्रामाणिकता पर अभी तक कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
Bitchat App India Controversy : कैसे काम करता है Bitchat?
Bitchat एक ओपन-सोर्स मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे जैक डॉर्सी ने विकसित किया है। यह ऐप Bluetooth Mesh Network तकनीक पर आधारित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संदेश भेजने के लिए मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट या किसी केंद्रीय सर्वर की आवश्यकता नहीं होती। साथ ही, इसमें फोन नंबर, ईमेल आईडी या किसी प्रकार के यूजर रजिस्ट्रेशन की भी जरूरत नहीं पड़ती। इस तकनीक में हर स्मार्टफोन दूसरे डिवाइस के लिए एक रिले (Relay) का काम करता है, जिससे संदेश एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक पहुंचता रहता है।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता क्या है?
वायरल नोटिस में दावा किया गया है कि Bitchat की विकेंद्रीकृत (Decentralized) संरचना के कारण कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए मैसेज ट्रैक करना या जरूरत पड़ने पर डेटा हासिल करना मुश्किल हो सकता है। कथित दस्तावेज में आशंका जताई गई है कि इस तरह की तकनीक का दुरुपयोग दंगे, हिंसक प्रदर्शन, आतंकवाद, संगठित अपराध, अफवाह फैलाने या इंटरनेट बंद होने की स्थिति में भी संचार बनाए रखने के लिए किया जा सकता है। दस्तावेज में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुछ धाराओं का भी उल्लेख किया गया है तथा GitHub को कथित रूप से तीन घंटे के भीतर संबंधित लिंक हटाने या ब्लॉक करने का निर्देश दिए जाने का दावा किया गया है।
इंटरनेट बंद होने के दौरान बढ़ा इस्तेमाल?
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान, जहां कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई थीं, वहां Bitchat जैसे ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल बढ़ा। हालांकि, इस संबंध में भी कोई आधिकारिक आंकड़ा या सरकारी पुष्टि सामने नहीं आई है।
Bitchat App India Controversy : अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल Bitchat को लेकर सामने आया कथित नोटिस सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन जब तक भारत सरकार, I4C या GitHub की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया जाता, तब तक इस मामले को लेकर वायरल दावों की पुष्टि नहीं मानी जा सकती। आने वाले दिनों में सरकारी प्रतिक्रिया के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
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