
वाशिंगटन (वीकैंड रिपोर्ट) : US Worst of the Worst List : अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ राष्ट्रपति Donald Trump की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अब तक का सबसे सख्त कदम सामने आया है। Department of Homeland Security (DHS) ने देश में मौजूद सबसे खतरनाक अवैध प्रवासियों की सूची सार्वजनिक की है, जिसे “Worst of the Worst” नाम दिया गया है। इस सूची में कुल करीब 25,000 अपराधियों के नाम शामिल हैं, जिनमें 89 भारतीय मूल के लोग भी हैं। इसे ट्रंप प्रशासन द्वारा अवैध आव्रजन के खिलाफ की जा रही सबसे कठोर कार्रवाई माना जा रहा है।
सार्वजनिक वेबसाइट पर डाली गई पूरी जानकारी
DHS ने पारदर्शिता और जनसुरक्षा के उद्देश्य से WOW.DHS.GOV नाम की एक सार्वजनिक वेबसाइट लॉन्च की है। इस डेटाबेस में हत्या, यौन अपराध, ड्रग तस्करी और हिंसक गतिविधियों जैसे गंभीर मामलों में दोषी ठहराए गए ‘क्रिमिनल इल्लीगल एलियंस’ की पूरी जानकारी दी गई है। इसमें अपराधियों के नाम, तस्वीरें, राष्ट्रीयता और उनके अपराधों का विवरण सार्वजनिक किया गया है।
सूची में भारतीय मूल के अमनदीप मुल्तानी और हरजिंदर सिंह जैसे नाम भी शामिल हैं, जिन पर ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप बताए गए हैं। DHS का कहना है कि अमेरिकी नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि किन लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है और वे समाज के लिए कितना बड़ा खतरा हैं।
ट्रंप का वादा, अब सख्त अमल
डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अवैध आव्रजन पर सख्ती का वादा किया था। अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन ही उन्होंने दक्षिणी सीमा पर ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ घोषित कर सेना की तैनाती बढ़ा दी थी। DHS ने स्पष्ट किया है कि जारी की गई सूची सिर्फ एक “स्नैपशॉट” है और प्रशासन के दौरान पकड़े गए अपराधियों की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। विभाग का दोटूक कहना है कि जब तक हर ऐसे व्यक्ति को देश से बाहर नहीं निकाला जाएगा, अभियान जारी रहेगा।
डेमोक्रेट्स बनाम प्रशासन, फंडिंग पर रोक
US Worst of the Worst List : इस कार्रवाई को लेकर अमेरिका की राजनीति भी गर्मा गई है। इमिग्रेशन छापों के दौरान हिंसक घटनाओं के बाद डेमोक्रेट सांसदों ने DHS के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स ने DHS की फंडिंग रोक दी है। उनकी मांग है कि छापेमारी करने वाले फेडरल एजेंट और Immigration and Customs Enforcement (ICE) अधिकारी बॉडी कैमरा पहनें, पहचान स्पष्ट रखें और मास्क न लगाएं। ट्रंप प्रशासन ने इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है, जिससे टकराव और गहरा गया है।
भारतीय समुदाय की छवि पर चिंता
“Worst of the Worst” सूची में 89 भारतीय मूल के नाम शामिल होना अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सूची में शामिल लोग गंभीर अपराधों में लिप्त हों, लेकिन इसका व्यापक असर प्रवासी भारतीयों की सामाजिक छवि पर पड़ सकता है। यह कदम अमेरिका की इमिग्रेशन नीति और वैश्विक मानवाधिकार बहस में एक नए विवाद को जन्म दे रहा है।
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