
नई दिल्ली, 11 मार्च 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- Middle East War : ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। कतर से गैस सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत में भी एलपीजी और नैचुरल गैस की संभावित कमी की चिंता बढ़ने लगी है। इसी बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
कनाडा ने भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
कतर संकट के बीच कनाडा की पेशकश
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कतर से गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
इसी बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक वीडियो संदेश साझा करते हुए भारत को भरोसा दिलाया कि कनाडा एक विश्वसनीय ऊर्जा साझेदार बन सकता है। उन्होंने कहा कि कनाडा दुनिया की कम कार्बन उत्सर्जन वाली और सुरक्षित LNG सप्लाई देने में सक्षम है, जो भारत के बिजली उत्पादन, हीटिंग और औद्योगिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
Middle East War : 2040 तक दोगुनी हो सकती है भारत की ऊर्जा मांग
कनाडाई प्रधानमंत्री के अनुसार भारत की ऊर्जा मांग 2040 तक लगभग दोगुनी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भारत इस दशक के अंत तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखता है और अपने ऊर्जा मिश्रण में LNG की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रहा है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा क्लीन टेक्नोलॉजी और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का रणनीतिक साझेदार बन सकता है।
यूरेनियम और खनिजों की भी पेशकश
कनाडा ने केवल LNG ही नहीं, बल्कि भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई का भी प्रस्ताव दिया है। बताया जाता है कि दुनिया की करीब 40 प्रतिशत माइनिंग कंपनियां कनाडा में सूचीबद्ध हैं।
हाल ही में भारत ने भी संकेत दिया था कि वह कनाडा से कच्चा तेल, एलपीजी और यूरेनियम जैसे ऊर्जा संसाधन खरीदने के लिए तैयार है, बशर्ते मंजूरी की प्रक्रियाएं आसान की जाएं।
Middle East War : ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत की नई रणनीति
भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि देश अब अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए केवल पश्चिम एशिया पर निर्भर नहीं रहेगा। भारत अपने ऊर्जा आयात स्रोतों को विविध (Diversify) करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
सरकार का कहना है कि घरों और उद्योगों में ईंधन की सप्लाई किसी भी स्थिति में बाधित न हो, इसके लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कनाडा का यह प्रस्ताव भारत के लिए मौजूदा संकट के समय एक महत्वपूर्ण ऊर्जा सुरक्षा विकल्प साबित हो सकता है।
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