
वॉशिंगटन, 10 अप्रैल 2026 (वीकैंड रिपोर्ट)- Iran-US Ceasefire : मध्य पूर्व में तनाव कम कराने के लिए China ने अपनी अहम भूमिका का खुलासा किया है। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, Iran और United States के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम को लागू कराने के पीछे व्यापक कूटनीतिक प्रयास किए गए।
26 फोन कॉल्स से बनी सहमति
चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने बताया कि उन्होंने युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न देशों के नेताओं से 26 बार फोन पर बातचीत की। यह संकेत देता है कि इस समझौते में कई देशों की भागीदारी रही, जबकि कुछ देशों की भूमिका सीमित रही।
अंतिम दौर में चीन का दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतिम चरण में चीन ने तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाया, जिसके बाद ईरान बातचीत के लिए तैयार हुआ और तनाव कम करने पर सहमत हुआ। इससे पहले क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए थे।
Iran-US Ceasefire : होर्मुज को लेकर बढ़ा था संकट
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz को लेकर ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि यह अहम समुद्री मार्ग बाधित हुआ, तो गंभीर परिणाम होंगे। इस दौरान क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई थीं।
कई देशों ने की मध्यस्थता
तनाव को देखते हुए Pakistan, Turkey, Egypt और Qatar जैसे देशों ने भी मध्यस्थता की कोशिश की, लेकिन शुरुआती दौर में बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
चीन के रणनीतिक हित भी जुड़े
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल के पीछे चीन के रणनीतिक और आर्थिक हित भी हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक है और खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता उसकी ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है। इसके साथ ही, चीन ने इस पहल के जरिए खुद को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश की है, जो कूटनीति के माध्यम से बड़े अंतरराष्ट्रीय संकटों को सुलझाने में सक्षम है।
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