
जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट) Rules Of Kanwar Yatra : सावन चल रहा है और सावन के महीने में शिवभक्त कांवड़ लेकर जाते हैं। सावन शुरू होते ही लोग गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री जाते हैं। फिर गंगाजल से साथ यात्रा करते हुए शिवालय में शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। आइए जानते हैं कांवड़ यात्रा के बारे मेंः
कांवड़ यात्रा के नियम
🔹कांवड़ यात्रा के समय अपना मन, कर्म, वचन शुद्ध होना चाहिए। इसमें शराब, पान, गुटखा, तंबाकू से दूर रहना चाहिए।
🔹रास्ते में जाते समय कांवड़ उठाने के बाद कांवड़ को जमीन पर नहीं रखना चाहिए, कांवड़ 🔹जमीन पर रखने से कांवड़ यात्रा अधूरी रह जाती है, क्योंकि इसमें पवित्र जल होता है।
🔹कांवड़ को ले जाते समय कांवड़ियों से चमड़ा स्पर्श नहीं होना चाहिए, ना ही कांवड़ को किसी के ऊपर से ले जाना चाहिए।
🔹कांवड़ दोबारा उठाने से पहले लोगों को स्नान करना चाहिए,बिना स्नान के कांवड़ को उठाना अशुभ माना जाता है।
🔹यात्रा करने के दौरान व्यक्ति के परिवार के सभी सदस्य भी इन नियमों का पालन करते हैं।
🔹शास्त्रों मे बताया गया है कि कांवड़ यात्रा करने से भगवान शिव बहुत जल्दी खुश होते है।
🔹 कांवड़ यात्रा करने से सभी को मनपसंद फल मिलता है।
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