
जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट)- Maa Baglamukhi Dham : मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में मां बगलामुखी जी के निमित सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया। सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान बलविंदर से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।

सिद्ध मां बगलामुखी धाम में आयोजित दिव्य हवन-यज्ञ के पावन अवसर पर प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने उपस्थित माँ-भक्तों को अपने ओजस्वी प्रवचनों से आध्यात्मिक भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने संत कबीर दास जी के प्रसिद्ध दोहे— आई मौज फकीर की, दिया झोंपड़ा फूँक। जो घर जारे आपना, चले हमारे साथ॥ का उल्लेख करते हुए उसके गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य को सरल शब्दों में समझाया।

नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि यह दोहा केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि आत्मा की मुक्ति का उद्घोष है। संत परंपरा की गहराइयों से निकली यह वाणी मनुष्य को बाहरी वैभव से हटाकर भीतर की दिव्य रोशनी की ओर ले जाती है। प्रथम दृष्टि में यह पंक्तियाँ कठोर प्रतीत हो सकती हैं, किंतु इनके भीतर वैराग्य, साहस और आत्मिक स्वतंत्रता का अमृत समाहित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहाँ फकीर वह है जिसने संसार के छलावे को पहचान लिया है और जिसकी प्रसन्नता बाहरी वस्तुओं पर नहीं, बल्कि भीतर के संतोष पर आधारित होती है। झोंपड़ा फूँक देना का अर्थ किसी बाहरी घर को जलाना नहीं, बल्कि मन के अंधकार—लोभ, मोह, अहंकार और आसक्ति को समाप्त करना है।

Maa Baglamukhi Dham : जो घर जारे आपना, चले हमारे साथ की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने भीतर बसे विकारों के घर को स्वयं तोडऩे का साहस कर लेता है, वही सच्चे मार्ग का पथिक बन सकता है। आध्यात्मिक यात्रा त्याग, आत्मचिंतन और सत्य को स्वीकार करने का साहस मांगती है। उन्होंने आगे कहा कि असली बंधन ईंट-पत्थर के घरों के नहीं, बल्कि विचारों और मानसिक जंजीरों के होते हैं। जब मनुष्य इन बंधनों से मुक्त हो जाता है, तब जीवन में एक अनोखी मौज उतरती है—वह मौज जो कम में भी पूर्णता का अनुभव कराती है, अकेलेपन में भी शांति का संगीत सुनाती है और परिस्थितियों से परे आत्मा को स्वतंत्र कर देती है। प्रवचनों के समापन पर नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि फकीर का आनंद त्याग में है, खोने में नहीं; क्योंकि जो छोड़ देता है, वही वास्तव में पा लेता है। जो भीतर की जंजीरों को तोड़ देता है, वहीं सच्चे अर्थों में मुक्त कहलाता है।

नवजीत भारद्वाज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व का आयोजन15 फरवरी दिन रविवार को मां बगलामुखी धाम में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पांच पहर की पूजा व रुद्राभिषेक का आयोजन मंदिर परिसर में किया जाएगा कोई भी भक्तजन इसमें सम्मिलित हो सकते हैं।

इस अवसर पर कंठ जज,श्वेता भारद्वाज, राकेश प्रभाकर, पूनम प्रभाकर, सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप, दिनेश सेठ, सौरभ भाटिया, विवेक अग्रवाल, वेद प्रकाश, ऋषभ कालिया, रिंकू सैनी, उदय ,अजीत कुमार, नरेंद्र, रोहित भाटिया, बावा जोशी, राकेश शर्मा, नवीन, प्रदीप, सुधीर, सुमीत, मनीष शर्मा, रितु कुमार, गौरी केतन शर्मा, सौरभ, शंकर, संदीप, गोरव गोयल, मनी, नरेश, अजय शर्मा, दीपक, किशोर, प्रदीप, प्रवीण, राजू, गुलशन शर्मा, संजीव शर्मा, रोहित भाटिया, मुकेश, रजेश महाजन, अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, ऐडवोकेट शर्मा, वरुण, नितिश, रोमी, भोला शर्मा, दीलीप, लवली, लक्की, मोहित, विशाल, अश्विनी शर्मा, रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल, अनिल, सागर, दीपक, दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ, दीपक कुमार, नरेश, दिक्षित, अनिल, कमल नैयर, अजय सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
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