
जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट)- Vande Mataram New Guidelines : केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के ताजा आदेशों के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों और स्कूल आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ बजाया जाएगा और इसके दौरान सभी उपस्थित लोगों को सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य होगा।
क्या हैं नए नियम?
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यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और जन गण मन दोनों बजाए जाते हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया जाएगा।
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प्रस्तुति के दौरान सभी लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़े रहकर सम्मान प्रदर्शित करना होगा।
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अब तक आमतौर पर इसके पहले दो छंद ही गाए जाते थे, लेकिन नए निर्देशों के तहत पूरा छह छंदों वाला संस्करण बजाया जाएगा।
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इस पूर्ण संस्करण की अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड होगी।
Vande Mataram New Guidelines : किन मौकों पर होगा अनिवार्य?
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तिरंगा फहराने के समय
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राष्ट्रपति और राज्यपाल के आगमन तथा उनके संबोधन से पहले और बाद में
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पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों में
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सरकारी स्कूलों और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नियम सिनेमा हॉल पर लागू नहीं होंगे। फिल्म शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाना या खड़े होना अनिवार्य नहीं रहेगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
‘वंदे मातरम्’ की रचना Bankim Chandra Chattopadhyay ने वर्ष 1875 में की थी। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति का प्रमुख प्रतीक बना। समय-समय पर इसके स्वरूप और प्रस्तुति को लेकर राजनीतिक बहस भी होती रही है, लेकिन सरकार का कहना है कि नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य इसे औपचारिक कार्यक्रमों में अधिक सम्मान और एकरूपता देना है।
बदलाव का उद्देश्य
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान में वृद्धि होगी और विभिन्न आयोजनों में प्रस्तुति को लेकर स्पष्टता आएगी। अब सभी सरकारी कार्यक्रमों में निर्धारित मानक के अनुसार ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई देगी।
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