
नई दिल्ली (वीकैंड रिपोर्ट) – असम सरकार ने समान नागरिक कानून की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मुस्लिम विवाह और तलाक अधिनियम -1935 को खत्म करने का फैसला लिया है। राज्य में अब सभी शादियां और तलाक स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत किए जाएंगे। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि असम कैबिनेट ने सदियों पुराने असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम को निरस्त करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
असम सरकार के मंत्री जयंत मल बरुआ ने मुस्लिम मैरेजेज एक्ट खत्म करने के सरकार के फैसले के बारे में बताया। यह बिल असम विधानसभा में पेश होगा। विधानसभा का सत्र 28 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने कहा, “चीफ मिनिस्टर ने हाल में कहा था कि हम यूनियन सिविल कोड की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहे हैं। इस दिशा में एक बहुत अहम फैसला लिया गया है।”
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